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नए श्रम, बीज कानून से किसान और मजदूरों का होगा उत्पीड़न : प्रवीण

Tue, 06 Jan 2026 06:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 06:24 PM IST
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The new labor and seed laws will lead to the oppression of farmers and laborers: Praveen
फोटो-सात
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लूंब गांव में मंगलवार को किसान एकता केंद्र और भाकियू आजाद के संयुक्त तत्वावधान में नए बीज कानून व चार श्रम संहिताओं के विरोध में बैठक हुई। इस माैके पर किसान एकता केंद्र के महासचिव प्रवीण कुमार ने कहा कि नए बीज व श्रम कानून से किसानों, मजदूरों का उत्पीड़न होगा।

उन्होंने कहा कि नए बीज कानून से किसान अपनी फसल का बीज स्वयं तय नहीं कर पाएंगे और उन्हें बीज के लिए पूरी तरह कंपनियों पर निर्भर होना पड़ेगा। परंपरागत व देसी बीज पहले ही खत्म किए जा चुके हैं, जबकि मौजूदा बीज हर वर्ष बदलने पड़ रहे हैं। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कहा कि यदि कोई किसान अपने स्तर से बीज साझा करता है तो उसपर जुर्माना और सजा का प्रावधान बना रखा है। बताया कि चार नए श्रम कानून में मजदूरों के कार्य का समय आठ घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिए गए हैं। कानून के विरोध में किसानों व मजदूरों को जागरूक किया जा रहा है और फिर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की रणनीति तैयार की जाएगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष बिजेंद्र, गौरव, आशू शमशेर, शिवम, रूपक, विक्की चौहान, बीरसैन आदि मौजूद रहे।
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