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Baghpat News: दस रुपये के स्टांप पर नगर पालिका ने बनाए यमुना व कब्रिस्तान की जमीन के मालिक
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- बागपत में बाहर से आए लोगों ने यमुना खादर, कब्रिस्तान की जमीन, शत्रु संपत्ति पर कब्जे करके कराया फर्जीवाड़ा
- नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मियों पर मिलीभगत करके संपत्ति कर के रिकार्ड में दर्ज करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर पालिका ने दस रुपये के स्टांप पर 500 से ज्यादा लोगों को यमुना खादर, कब्रिस्तान व शत्रु संपत्ति की जमीन का मालिक बना दिया। स्टांप के आधार पर लोगों ने जमीन अपनी होने का दावा किया तो नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मियों ने उसको संपत्ति कर रिकॉर्ड में अपने यहां दर्ज कर लिया। न रजिस्ट्री मांगी गई और न ही किसी की रशीद काटी गई।
नगर पालिका के संपत्ति कर रिकाॅर्ड में अपना प्लॉट दर्ज कराने के लिए रजिस्ट्री के कागज जमा कराने होते हैं, इसमें गाटा नंबर होता है। इसके लिए नगर पालिका में एक हजार रुपये की रशीद भी काटी जाती है मगर नगर पालिका में नाम दर्ज कराने में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। पक्का घाट पर यमुना खादर, केतीपुरा के बाहरी छोर पर यमुना की तरफ और कब्रिस्तान, यमुना किनारे शत्रु संपत्ति वाली जमीन पर दस-दस रुपये के स्टांप पर लोगों ने प्लॉट खरीदने का दावा किया।
ऐसे 500 से ज्यादा लोगों ने वह दस रुपये के स्टांप नगर पालिका में जमा करा दिए। इनमें अधिकतर स्टांप वर्ष 2021 में दिए गए हैं, जिनमें कहा गया है कि उन्होंने 50-100 वर्ग गज का प्लॉट दो से ढ़ाई लाख रुपये में खरीदा है। इन स्टांप के आधार पर नगर पालिका के संपत्ति कर रिकॉर्ड में सभी प्लॉट को दर्ज कर लिया और दस रुपये के स्टांप पर फर्जीवाड़ा करने वालों को सरकारी रिकॉर्ड में उन प्लॉट का मालिक बना दिया गया।
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- शामली व मुजफ्फरनगर का पता अधिकतर लोगों ने बताया
जिनके नाम नगर पालिका रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं, इनमें अधिकतर ने अपना पुराना पता शामली व मुजफ्फरनगर बताया है। पहले यह माना गया कि वह दंगे के वक्त यहां आए थे, लेकिन जब स्टांप देखे गए तो वह वर्ष 2021 के निकले। शासन ने संपत्ति कर रिकॉर्ड में नियम विरुद्ध नाम दर्ज कराने के मामले में चेयरमैन के पद से राजुद्दीन को हटाया तो इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
-- कब्रिस्तान में प्लॉट काटने में 21 लोगों पर हुआ था मुकदमा
इस तरह ही वर्ष 2023 में केतीपुरा में वक्फ बोर्ड की संपत्ति में दर्ज कब्रिस्तान में प्लॉट काट दिए गए थे। उस मामले में 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें प्रॉपर्टी डीलर से लेकर प्लॉट खरीदने वाले भी शामिल थे। इसमें भी पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
- इस तरह का पूरा रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। इसमें जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लोगों के कारण राजस्व को जितना नुकसान हुआ है, उसका आंकलन करके नोटिस जारी किए जाएंगे। इसमें किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। - केके भड़ाना, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बागपत
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- नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मियों पर मिलीभगत करके संपत्ति कर के रिकार्ड में दर्ज करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर पालिका ने दस रुपये के स्टांप पर 500 से ज्यादा लोगों को यमुना खादर, कब्रिस्तान व शत्रु संपत्ति की जमीन का मालिक बना दिया। स्टांप के आधार पर लोगों ने जमीन अपनी होने का दावा किया तो नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मियों ने उसको संपत्ति कर रिकॉर्ड में अपने यहां दर्ज कर लिया। न रजिस्ट्री मांगी गई और न ही किसी की रशीद काटी गई।
नगर पालिका के संपत्ति कर रिकाॅर्ड में अपना प्लॉट दर्ज कराने के लिए रजिस्ट्री के कागज जमा कराने होते हैं, इसमें गाटा नंबर होता है। इसके लिए नगर पालिका में एक हजार रुपये की रशीद भी काटी जाती है मगर नगर पालिका में नाम दर्ज कराने में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। पक्का घाट पर यमुना खादर, केतीपुरा के बाहरी छोर पर यमुना की तरफ और कब्रिस्तान, यमुना किनारे शत्रु संपत्ति वाली जमीन पर दस-दस रुपये के स्टांप पर लोगों ने प्लॉट खरीदने का दावा किया।
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ऐसे 500 से ज्यादा लोगों ने वह दस रुपये के स्टांप नगर पालिका में जमा करा दिए। इनमें अधिकतर स्टांप वर्ष 2021 में दिए गए हैं, जिनमें कहा गया है कि उन्होंने 50-100 वर्ग गज का प्लॉट दो से ढ़ाई लाख रुपये में खरीदा है। इन स्टांप के आधार पर नगर पालिका के संपत्ति कर रिकॉर्ड में सभी प्लॉट को दर्ज कर लिया और दस रुपये के स्टांप पर फर्जीवाड़ा करने वालों को सरकारी रिकॉर्ड में उन प्लॉट का मालिक बना दिया गया।
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- शामली व मुजफ्फरनगर का पता अधिकतर लोगों ने बताया
जिनके नाम नगर पालिका रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं, इनमें अधिकतर ने अपना पुराना पता शामली व मुजफ्फरनगर बताया है। पहले यह माना गया कि वह दंगे के वक्त यहां आए थे, लेकिन जब स्टांप देखे गए तो वह वर्ष 2021 के निकले। शासन ने संपत्ति कर रिकॉर्ड में नियम विरुद्ध नाम दर्ज कराने के मामले में चेयरमैन के पद से राजुद्दीन को हटाया तो इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
इस तरह ही वर्ष 2023 में केतीपुरा में वक्फ बोर्ड की संपत्ति में दर्ज कब्रिस्तान में प्लॉट काट दिए गए थे। उस मामले में 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें प्रॉपर्टी डीलर से लेकर प्लॉट खरीदने वाले भी शामिल थे। इसमें भी पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
- इस तरह का पूरा रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। इसमें जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लोगों के कारण राजस्व को जितना नुकसान हुआ है, उसका आंकलन करके नोटिस जारी किए जाएंगे। इसमें किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। - केके भड़ाना, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बागपत