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पहले दिन हुआ नव नागों का दिव्य पूजन
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 06 Aug 2016 02:08 AM IST
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बागपत के जानकीदास मंदिर में कालसर्प पूजा में भाग लेते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत । शहर के जानकी दास मंदिर में काल सर्प दोष शांति और रुदाभिषेक के पहले दिन भगवान गणेश और माता गौरी का दिव्य पूजन किया गया। नव नागों का दिव्य पूजन भगवान भोलेनाथ के साथ किया गया।
शुक्रवार को मंदिर में काल सर्प दोष शांति और रुदाभिषेक के पहले दिन गणेश, माता गौरी और शिव की पूजा हुई। नव नागों का दिव्य पूजन शिव शंकर के साथ किया गया। भोले पर भांग, धतूरा अर्पित किया। विद्वान ब्राह्मण यजुर्वेद का दिव्य पाठ किया।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि पूजा में संकल्प का विशेष महत्वत होता है जो भाव लेकर आप संकल्प करेंगे उसी भाव की पूर्ति करते है। भगवान भालेनाथ तीन जन्मों का पाप नाश करते है। जब जीवन में पितृदोष प्रबल हो जाता है तब काल सर्प दोष जन्म लेता है। राहु और केतु को सर्प की संज्ञा दी गई है। इन दो ग्रहों के माध्यम से अन्य सात ग्रह आकर पीड़ित होते हैं तब यह दोष बनता है।
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भगवान उमाशंकर सभी दोषों से मनुष्य को मुक्त कर उत्तम जीवन के सुख का वरदान देते हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि राहु और केतु छाया ग्रह है, फिर भी इन्हें नवग्रहों में स्थान दिया गया है। पहले दिन यज्ञमान ठाकुर तेजवीर सिंह, यतेंद्र गिरि, सेठी परिवार एवं काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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शुक्रवार को मंदिर में काल सर्प दोष शांति और रुदाभिषेक के पहले दिन गणेश, माता गौरी और शिव की पूजा हुई। नव नागों का दिव्य पूजन शिव शंकर के साथ किया गया। भोले पर भांग, धतूरा अर्पित किया। विद्वान ब्राह्मण यजुर्वेद का दिव्य पाठ किया।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि पूजा में संकल्प का विशेष महत्वत होता है जो भाव लेकर आप संकल्प करेंगे उसी भाव की पूर्ति करते है। भगवान भालेनाथ तीन जन्मों का पाप नाश करते है। जब जीवन में पितृदोष प्रबल हो जाता है तब काल सर्प दोष जन्म लेता है। राहु और केतु को सर्प की संज्ञा दी गई है। इन दो ग्रहों के माध्यम से अन्य सात ग्रह आकर पीड़ित होते हैं तब यह दोष बनता है।
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भगवान उमाशंकर सभी दोषों से मनुष्य को मुक्त कर उत्तम जीवन के सुख का वरदान देते हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि राहु और केतु छाया ग्रह है, फिर भी इन्हें नवग्रहों में स्थान दिया गया है। पहले दिन यज्ञमान ठाकुर तेजवीर सिंह, यतेंद्र गिरि, सेठी परिवार एवं काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।