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सोनीपत में जिस नकली शराब से 42 मौत हुई, वहीं से बागपत में बंटवाई जा रही
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सिंघावली अहीर थाने में खड़ा ट्रक
- फोटो : BAGHPAT
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हरियाणा के सोनीपत से लाई गई शराब की बोतलों पर लगाए गए गाजियाबाद की कंपनी के फर्जी रेपर
आबकारी विभाग का कहना है, यह अवैध शराब पीना हो साबित सकता है जानलेवा
शराब तस्करी के खुलासा से यूपी और हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिस नकली शराब से सोनीपत में 42 मौत हुई थी, वही शराब अब बागपत तक पहुंचने लगी। रविवार को मेरठ एसटीएफ और सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने हरियाणा से लाई गई करीब 60 लाख कीमत की अवैध शराब को पकड़े जाने पर इसका खुलासा हुआ है। चुनाव के लिए यह शराब मंगाई गई थी। आबकारी विभाग और चिकित्सकों की माने तो इस शराब को पीना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके साथ ही हरियाणा से शराब बागपत तक आने के बाद दोनों प्रदेशों की पुलिस पर भी सवाल उठ रहा है।
चांदीनगर थानाक्षेत्र में सबसे ज्यादा शराब तस्करी हो रही है। गांवों में लोग इसका विरोध तक करने से डरते है, क्योंकि उनको अपने साथ झगड़ा होने का डर रहता है। रविवार को पिलाना के पास से जो शराब पकड़ी गई है, उसे हरियाणा के सोनीपत के सिसाना गांव से लेकर आए थे। बोतल पर रेफर भी फर्जी लगा गए है। इससे यह साफ हो गया है कि दोबारा से अवैध शराब बननी शुरू हो गई है। बता दें कि शराब के कारण ही अक्टूबर 2020 में सोनीपत शहर के मयूर विहार, जटवाड़ा, गुमड़ गांव में 42 लोगों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी साफ हो गया था कि जहरीला केमिकल शराब में होने के कारण उनकी मौत हुई है। उस वक्त नकली शराब की दो फैक्टरियों को पकड़ा गया था। मगर, अब वहां से दोबारा वह नकली शराब यहां चुनाव के लिए सप्लाई हो रही है।
जहरीले रसायन से तैयार होती है अवैध शराब
सीएचसी अधीक्षक डा. विभाष राजपूत बताते है कि फैक्टरी में बनने वाली शराब में सभी रसायन को जांच के बाद नियमित मात्रा में डाला जाता है। मगर, अवैध फैक्टरी में रसायन को बिना जांच के डालकर नकली शराब बनाई जाती है। इस शराब पीने से किसी की मौत हो सकती है। अगर शराब पीने के बाद उसे समय पर उपचार देकर बचा लिया जाता है तो उसकी किडनी, लीवर खराब होने की आशंका रहती है। आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
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हरियाणा व यूपी के तीन-तीन थानाक्षेत्रों से कैसे निकले तस्कर
हरियाणा के सोनीपत के जिस सिसाना गांव से शराब लेकर आने की बात तस्करों ने बताई है, उससे यह साफ है कि वह हरियाणा व यूपी के तीन-तीन थानाक्षेत्रों से निकलकर पिलाना तक पहुंचे है। इनमें हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा, राई व कुंडली थाने है तो बागपत के खेकड़ा, बागपत, चांदीनगर थाने है। इस तरह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हो रहा है।
शराब की तस्करी को लेकर हरियाणा के पुलिस अधिकारियों से बात हुई है। वहां के तस्करों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही हरियाणा व बागपत दोनों तरफ चेकिंग बढ़ाने के लिए कहा गया है। जितने भी तस्कर है, उन पर शिकंजा कसा जाएगा। - नीरज कुमार जादौन, एसपी
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आबकारी विभाग का कहना है, यह अवैध शराब पीना हो साबित सकता है जानलेवा
शराब तस्करी के खुलासा से यूपी और हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिस नकली शराब से सोनीपत में 42 मौत हुई थी, वही शराब अब बागपत तक पहुंचने लगी। रविवार को मेरठ एसटीएफ और सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने हरियाणा से लाई गई करीब 60 लाख कीमत की अवैध शराब को पकड़े जाने पर इसका खुलासा हुआ है। चुनाव के लिए यह शराब मंगाई गई थी। आबकारी विभाग और चिकित्सकों की माने तो इस शराब को पीना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके साथ ही हरियाणा से शराब बागपत तक आने के बाद दोनों प्रदेशों की पुलिस पर भी सवाल उठ रहा है।
चांदीनगर थानाक्षेत्र में सबसे ज्यादा शराब तस्करी हो रही है। गांवों में लोग इसका विरोध तक करने से डरते है, क्योंकि उनको अपने साथ झगड़ा होने का डर रहता है। रविवार को पिलाना के पास से जो शराब पकड़ी गई है, उसे हरियाणा के सोनीपत के सिसाना गांव से लेकर आए थे। बोतल पर रेफर भी फर्जी लगा गए है। इससे यह साफ हो गया है कि दोबारा से अवैध शराब बननी शुरू हो गई है। बता दें कि शराब के कारण ही अक्टूबर 2020 में सोनीपत शहर के मयूर विहार, जटवाड़ा, गुमड़ गांव में 42 लोगों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी साफ हो गया था कि जहरीला केमिकल शराब में होने के कारण उनकी मौत हुई है। उस वक्त नकली शराब की दो फैक्टरियों को पकड़ा गया था। मगर, अब वहां से दोबारा वह नकली शराब यहां चुनाव के लिए सप्लाई हो रही है।
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जहरीले रसायन से तैयार होती है अवैध शराब
सीएचसी अधीक्षक डा. विभाष राजपूत बताते है कि फैक्टरी में बनने वाली शराब में सभी रसायन को जांच के बाद नियमित मात्रा में डाला जाता है। मगर, अवैध फैक्टरी में रसायन को बिना जांच के डालकर नकली शराब बनाई जाती है। इस शराब पीने से किसी की मौत हो सकती है। अगर शराब पीने के बाद उसे समय पर उपचार देकर बचा लिया जाता है तो उसकी किडनी, लीवर खराब होने की आशंका रहती है। आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
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हरियाणा व यूपी के तीन-तीन थानाक्षेत्रों से कैसे निकले तस्कर
हरियाणा के सोनीपत के जिस सिसाना गांव से शराब लेकर आने की बात तस्करों ने बताई है, उससे यह साफ है कि वह हरियाणा व यूपी के तीन-तीन थानाक्षेत्रों से निकलकर पिलाना तक पहुंचे है। इनमें हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा, राई व कुंडली थाने है तो बागपत के खेकड़ा, बागपत, चांदीनगर थाने है। इस तरह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हो रहा है।
शराब की तस्करी को लेकर हरियाणा के पुलिस अधिकारियों से बात हुई है। वहां के तस्करों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही हरियाणा व बागपत दोनों तरफ चेकिंग बढ़ाने के लिए कहा गया है। जितने भी तस्कर है, उन पर शिकंजा कसा जाएगा। - नीरज कुमार जादौन, एसपी