{"_id":"630279cb4ec0b816ac54fd15","slug":"the-dawn-of-joy-showing-the-youth-in-the-evening-of-life-baraut-news-mrt6019397166","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिंदगी की शाम में युवाओं को दिखा रहे उमंग का सवेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिंदगी की शाम में युवाओं को दिखा रहे उमंग का सवेरा
विज्ञापन
बड़ौत। उम्र की शाम में उदासी नहीं उमंग होनी चाहिए, यह उमंग ही है जो ढलती उम्र में नये पन की चाह बढ़ाती है। यह कहना है कि उन बुजुर्गों का जो सेवानिवृत्त होकर और सामाजिक संगठनों से जुड़कर सामाजिक मुद्दों को प्रमुुखता से उठा रहे हैं और उनका समाधान भी करा रहे है। भटकते युवाओं को बुराइयों के रास्ते से बचाने की मुहिम चला रहे हैं।
- इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त होकर युवाओं को कर रहे जागरूक
बिनौली रोड के रहने वाले 85 वर्षीय प्रीतम सिंह वर्मा उप्र पुलिस में इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत रहे। एक जनवरी 1999 में वे सेवानिवृत्त हो गए थे। अब वे भारतीय योग संस्थान दिल्ली की बड़ौत शाखा से जुड़कर अन्य बुजुर्ग साथियों के साथ मिलकर युवाओं व महिलाओं को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा वे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने एसोसिएशन के सदस्यों व शिक्षक नेता मास्टर जितेंन्द्र तोमर के साथ मिलकर बावली चुंगी पर रोडवेज बस स्टैंड स्थापित कराने को लेकर काफी संघर्ष किया था।
- युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक
दिगंबर जैन पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य रहे 80 वर्षीय सत्यपाल सिंह पथौलिया सेवानिवृत्त होने के बाद से युवाओं के लिए काम कर रहे हैं। युवाओं को नशे व शराब से दूर रखने के लिए अनेक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर चुके हैं। कई बार वे तहसील में नशाबंदी के खिलाफ धरना भी दे चुके हैं। लगभग 150 से अधिक युवा ऐसे हैं जो उनकी मुहिम से प्रभावित होकर शराब को बिल्कुल अलविदा कर चुके हैं और वे सत्यपाल सिंह पथौलिया से जुडकर नवयुवकों के चरित्र निर्माण में सहयोग कर रहे है।
विज्ञापन
- गरीबों को दिला रहे हैं डॉ. ओमवीर सिंह तोमर
महर्षि दयानंद शिक्षा समिति बड़ौत के अध्यक्ष व सीनियर सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष व आर्य समाज बड़ौत के संरक्षक 85 वर्षीय डॉ. ओमवीर सिंह तोमर गरीबों को उनका हक दिलाने में मदद कर रहे हैं। अब तक वे अधिकारियों से बातचीत कर 500 से अधिक ऐसे गरीब लोगों को पेेंशन व राशन कार्ड व गरीब बेटियों की शादी करा चुके हैं, जो अधिकारियों के चक्कर काटकर थक चुके थे और उनकी आस पूरी तरह से टूट चुकी थी। डॉ. ओमवीर सिंह ने लोगों की समस्याओं का समाधान कराया। आर्य समाज के लिए भी वे दिन-रात काम में जुटे रहते हैं। उनका मानना है कि बढ़ती उम्र में हमारा शरीर तब तक कार्य करता है जब तक हम उससे कार्य लेते रहेंगे। खुद को फिट रखने के लिए वह अपने सभी काम आज भी खुद करते हैं।
विज्ञापन
- इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त होकर युवाओं को कर रहे जागरूक
बिनौली रोड के रहने वाले 85 वर्षीय प्रीतम सिंह वर्मा उप्र पुलिस में इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत रहे। एक जनवरी 1999 में वे सेवानिवृत्त हो गए थे। अब वे भारतीय योग संस्थान दिल्ली की बड़ौत शाखा से जुड़कर अन्य बुजुर्ग साथियों के साथ मिलकर युवाओं व महिलाओं को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा वे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने एसोसिएशन के सदस्यों व शिक्षक नेता मास्टर जितेंन्द्र तोमर के साथ मिलकर बावली चुंगी पर रोडवेज बस स्टैंड स्थापित कराने को लेकर काफी संघर्ष किया था।
विज्ञापन
- युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक
दिगंबर जैन पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य रहे 80 वर्षीय सत्यपाल सिंह पथौलिया सेवानिवृत्त होने के बाद से युवाओं के लिए काम कर रहे हैं। युवाओं को नशे व शराब से दूर रखने के लिए अनेक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर चुके हैं। कई बार वे तहसील में नशाबंदी के खिलाफ धरना भी दे चुके हैं। लगभग 150 से अधिक युवा ऐसे हैं जो उनकी मुहिम से प्रभावित होकर शराब को बिल्कुल अलविदा कर चुके हैं और वे सत्यपाल सिंह पथौलिया से जुडकर नवयुवकों के चरित्र निर्माण में सहयोग कर रहे है।
विज्ञापन
- गरीबों को दिला रहे हैं डॉ. ओमवीर सिंह तोमर
महर्षि दयानंद शिक्षा समिति बड़ौत के अध्यक्ष व सीनियर सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष व आर्य समाज बड़ौत के संरक्षक 85 वर्षीय डॉ. ओमवीर सिंह तोमर गरीबों को उनका हक दिलाने में मदद कर रहे हैं। अब तक वे अधिकारियों से बातचीत कर 500 से अधिक ऐसे गरीब लोगों को पेेंशन व राशन कार्ड व गरीब बेटियों की शादी करा चुके हैं, जो अधिकारियों के चक्कर काटकर थक चुके थे और उनकी आस पूरी तरह से टूट चुकी थी। डॉ. ओमवीर सिंह ने लोगों की समस्याओं का समाधान कराया। आर्य समाज के लिए भी वे दिन-रात काम में जुटे रहते हैं। उनका मानना है कि बढ़ती उम्र में हमारा शरीर तब तक कार्य करता है जब तक हम उससे कार्य लेते रहेंगे। खुद को फिट रखने के लिए वह अपने सभी काम आज भी खुद करते हैं।