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संगठन से साकार किया उम्मीदों का पुल

Thu, 28 Oct 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 11:33 PM IST
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The bridge of hopes realized from the organization
बामनौली गांव स्थित कृष्णा नदी पर पुल तैयार किया गया पुल दिखाते ग्रामीण - फोटो : BAGHPAT
पुल निर्माण के फैसले पर सभीी ने जताई सहमति, मिस्त्री के साथ ग्रामीण भी दिनभर करते हैं काम
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एक सप्ताह में तैयार हो गया पुल, दिवाली तक चालू करने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बामनौली के ग्रामीणों ने एकजुटता के बल पर बड़ा काम किया है। पहले पुल बनाने के फैसले पर सहमति जताई। अब मिस्त्री के साथ दिनभर जुटे रहते हैं। इसी की बदौलत एक सप्ताह में कृष्णा नदी पर पुल बनाकर तैयार कर दिया। उसके सूखने के बाद किनारों पर मिट्टी का भराव करके चालू कर दिया जाएगा।
तकनीकी पहलु समझे
ग्रामीणों ने कृष्णा नदी पर पुल बनाया है। मुझे पुल में तकनीकी पहलुओं पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई। अब पुल के ऊपर से गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आसानी से लेकर जा सकते हैं।-इकबाल सिंह, सेवानिवृत्त इंजीनियर
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एकजुटता का सुबूत
कृष्ण नदी पर पुल का निर्माण ग्रामीणों की एकजुटता का जीता जागता सुबूत है। पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और दिवाली तक इसे शुरू करने की तैयारी है।-तेजपाल सिंह
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स्थायी समाधान किया
कच्चे पुल के टूटने से बार-बार परेशानी होती थी। बरसात में पानी ज्यादा आने पर पुल बह जाता था। उसे बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी। इसलिए पक्कापुल बनाकर स्थायी समाधान किया है।-सतपाल फौजी
पुल सुखद सपने सेे कम नहीं
पुल बनाने का एकमत से फैसला लिया तो सब कुछ आसान होता चला गया। सभी ने एकजुट होकर कार्य किया। इसके परिणामस्वरूप अब पुल बनकर तैयार है। यह लोगों के सुखद सपने से कम नहीं है।-जितेंद्र
ग्रामीणों को डर से मिली मुक्ति
सभी ने पुल निर्माण में काफी मेहनत की है, क्योंकि पहले कच्चे पुल से खेत में बुग्गी व ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आने-जाने में नदी में गिरने का डर रहता था। अब पक्का पुल बनने से खेतों में जाने में समस्या नहीं होगी।-गजेंद्र
समस्या खत्म होती दिख रही
नदी में कई बार ट्रैक्टर-ट्रॉली, बुग्गी व ग्रामीण गिर चुके हैं। इसलिए खेती करने में परेशानी होती थी। बारिश के दिनों में समस्या ज्यादा बढ़ जाती थी। अब पुल बनने से समस्या खत्म होती दिख रही है।-जगपाल कश्यप
चर्म रोगों से मिलेगी मुक्ति
बरसात के वक्त पहले नदी के पानी के बीच से जाने में दिक्कत नहीं होती थी। नदी का पानी दूषित है। इससे चर्म रोग हो जाता है। इसलिए भी समस्या ज्यादा बढ़ रही थी।-रणबीर सिंह
एकजुटता का सुखद परिणाम
पुल के निर्माण में सभी ने एकजुट होकर सहयोग किया है। यही कारण है कि इतनी तेजी से पुल का निर्माण हो गया है। अब किसी को खेतों में जाने में परेशानी नहीं होगी।-सूरजवीर कश्यप
ग्रामीणों का राहत का पुल
बरसात के वक्त खेतों में जाना बंद करना पड़ता था। इससे फसलों में कई बार नुकसान भी हो जाता था। कच्चा पुल डूब जाता था या कई बार टूट जाता था। अब काफी राहत मिलेगी।-देवेंद्र
ग्रामीणों की सराहना की जानी चाहिए
ग्रामीणों के साथ मिलकर पुल निर्माण में सहयोग किया है। ग्रामीण एकजुट होकर अच्छा प्रयास कर रहे थे। ऐसे में कोई भी पीछे कैसे रह सकता है। इसके लिए सभी ग्रामीणों की सराहना की जानी चाहिए।-अशोक मिस्त्री

इनके साथ हुआ हादसा
-कृष्ण भूरिया, जगपाल व सुरेंद्र की भैंसा-बुग्गी नदी में गिर गई थीं। वहीं, महेंद्र का ट्रैक्टर नदी में गिरने से हादसा हुआ था। वहीं, बरसात के दौरान नदी पार करते हुए एक महिला बह गई थी। जिसे कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीण बचा सके थे।
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