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Baghpat News: सरहदों के पार पहुंचीं भाई-बहन के प्यार की डोर
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- जिले से 1450 राखियां अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान समेत कई देशों में भेजी गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन बहनों का प्यार डाक के जरिए सरहदें पार कर रहा है। बागपत जनपद से अब तक 1450 राखियां अलग-अलग देशों में भेजी जा चुकी हैं। विदेश में नौकरी और कारोबार कर रहे भाइयों के लिए भेजी गईं राखियों में बहनों की भावनाएं भी साथ रवाना हो रही हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही डाकघरों में विदेश जाने वाली राखियों की संख्या बढ़ गई है। जनपद बागपत में मुख्य डाकघर बड़ौत और डाकघर बागपत के अलावा गांव देहात में कुल मिलाकर 35 उप डाकघर है। जहां पर रोजाना बहनें सुंदर राखियां और उपहार पैक कराकर विदेश में रह रहे भाइयों के पते पर भेज रही हैं। किसी की राखी अमेरिका जा रही है तो किसी की कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान और मालदीव तक पहुंच रही है। भाई-बहन के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद त्योहार की खुशियां डाक के माध्यम से एक-दूसरे तक पहुंच रही हैं। जनपद से विदेश भेजी जाने वाली राखियों को पहले मेरठ और गाजियाबाद होते हुए दिल्ली भेजा जाता है। इसके बाद दिल्ली स्थित फॉरेन पोस्ट ऑफिस से राखियों को संबंधित देशों में दिए गए पते पर भेज दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए बागपत की बहनों का स्नेह अलग-अलग देशों में रह रहे भाइयों तक पहुंच रहा है।
वर्जन
- पिछले एक सप्ताह से रोजाना 100 से अधिक राखियां विदेश भेजी जा रहीं हैं। रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ विदेश भेजी जाने वाली राखियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। - एमपी सिंह मुख्य पोस्ट मास्टर डाकघर बड़ौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन बहनों का प्यार डाक के जरिए सरहदें पार कर रहा है। बागपत जनपद से अब तक 1450 राखियां अलग-अलग देशों में भेजी जा चुकी हैं। विदेश में नौकरी और कारोबार कर रहे भाइयों के लिए भेजी गईं राखियों में बहनों की भावनाएं भी साथ रवाना हो रही हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही डाकघरों में विदेश जाने वाली राखियों की संख्या बढ़ गई है। जनपद बागपत में मुख्य डाकघर बड़ौत और डाकघर बागपत के अलावा गांव देहात में कुल मिलाकर 35 उप डाकघर है। जहां पर रोजाना बहनें सुंदर राखियां और उपहार पैक कराकर विदेश में रह रहे भाइयों के पते पर भेज रही हैं। किसी की राखी अमेरिका जा रही है तो किसी की कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान और मालदीव तक पहुंच रही है। भाई-बहन के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद त्योहार की खुशियां डाक के माध्यम से एक-दूसरे तक पहुंच रही हैं। जनपद से विदेश भेजी जाने वाली राखियों को पहले मेरठ और गाजियाबाद होते हुए दिल्ली भेजा जाता है। इसके बाद दिल्ली स्थित फॉरेन पोस्ट ऑफिस से राखियों को संबंधित देशों में दिए गए पते पर भेज दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए बागपत की बहनों का स्नेह अलग-अलग देशों में रह रहे भाइयों तक पहुंच रहा है।
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- पिछले एक सप्ताह से रोजाना 100 से अधिक राखियां विदेश भेजी जा रहीं हैं। रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ विदेश भेजी जाने वाली राखियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। - एमपी सिंह मुख्य पोस्ट मास्टर डाकघर बड़ौत
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