फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The bike rider's neck was cut by the Chinese manja

चाइनीज मांझे से बाइक सवार युवक की गर्दन कटी

Tue, 31 Aug 2021 12:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 12:32 AM IST
विज्ञापन
The bike rider's neck was cut by the Chinese manja
बड़ौत(बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बावली गांव के समीप सोमवार को बाइक सवार युवक की चीन निर्मित मांझे से गर्दन कट गई। इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी पत्नी किसी तरह उसे लेकर सीएचसी पहुंची। यहां से युवक को गंभीर हालत में नगर के निजी अस्पताल मेें भर्ती कराया।
विज्ञापन

घायल युवक मोहम्मद अरशद पुत्र राशिद पठानकोठ मोहल्ला निवासी है। वह बाइक पर अपनी पत्नी रहिना के साथ शामली किसी काम से जा रहा था। वह बावली गांव के समीप पहुंचा तो अचानक गर्दन व हाथ चीन निर्मित मांझे की चपेट में आ गए। जिससे उसकी गर्दन व हाथ कट गया। वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गया। सड़क पर बाइक गिरने से उसकी पत्नी भी मामूली रूप से घायल हो गई। रहिना किसी तरह लोगों की मदद से अरशद को लेकर सीएचसी पहुंची। वहां से उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल परिजन उपचार कराने में जुटे हैं।
विज्ञापन

मुसीबत बन रहा चीन निर्मित मांझा
पतंगबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला चीन निर्मित मांझा लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। रोक के बावजूद इसकी बिक्री बेरोकटोक जारी है। यह आसानी से टूटता व कटता नहीं है। इस मांझे की यह खूबी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। रक्षाबंधन पर्व के कुछ दिन पहले भी बावली गांव में एक स्कूल के शिक्षक व कर्मचारी की बाइक पर जाते समय चाइनीज मांझे से गर्दन कट गई थी। कर्मचारी की गर्दन में 11 टांके आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रक्षाबंधन, जन्माष्टमी पर्व पर पतंग उड़ाने का चलन है। इसीलिए नगर में जगह-जगह मांझे व पतंग की दुकानें सज गई हैं। इन पर जानलेवा मांझा भी बिक रहा है। बता दें कि नगर के बड़ा जैन मंदिर, गली तिहाइयान पर दर्जनों पतंग की दुकानें सजी हुई हैं। प्रशासन समय रहते मांझे की जांच कर ले तो दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। कस्बा निवासी इमरान, आबिद, कल्लू, संजू आदि का कहना है कि चीन निर्मित मांझा विक्रेतओं के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

सस्ता होने से बढ़ रहा कारोबार
कारोबारियों की माने तो देशी मांझे की छह रील की चरखी में 3600 मीटर मांझा होता है। उसकी कीमत बाजार में 500 से 800 रुपये तक है। वहीं, चीन निर्मित मांझे की चरखी 300 से 400 रुपये में उपलब्ध है। वहीं, चीन मांझा न ज्यादा टूटता है और न ही बारिश में खराब होता है। इस कारण यह लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed