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ऋण माफी का लाभ दिया नहीं, किसान पर कर्ज बढ़ाते रहे
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक से ऋण लेना किसान को भारी पड़ गया। उसका आरोप है कि बैंक से उसकी आरसी जारी करा दी गई, लेकिन अभी तक बैंक मैनेजरों ने लिखित में कर्ज की राशि के लिए नोटिस नहीं दिया है।
डीएम समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत कर चुके कर्मअलीपुर गढ़ी गांव के किसान धर्मपाल ने बताया कि उसने केसीसी पर 76 हजार रुपये ऋण लिया था। जिसके 83 हजार रुपये वर्ष 2010 में जमा कर दिए। इसके बाद 50 हजार रुपये का ऋण लिया। कुछ दिन बाद वह बैंक में रुपये जमा करने गया तो बैंक मैनेजर ने पहले ऋण के 50 हजार रुपये बकाया होना बताया। जिसे वह जमा कर चुका था।
आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में उसकी 84 हजार रुपये की आरसी जारी कर दी गई। इसके बाद सरकार ने किसानों का एक लाख रुपये तक ऋण माफ किया। उसका ऋण भी माफ नहीं किया गया। सोमवार को सीडीओ ने एलडीएम को बैंक मैनेजर के साथ बैठकर किसान की समस्या का समाधान कराने के लिए कहा। वहीं, सीडीओ विद्यानाथ शुक्ल का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। बैंक मैनेजर, एलडीएम व अन्य अधिकारियों को बुलाकर किसान की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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बागपत। किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक से ऋण लेना किसान को भारी पड़ गया। उसका आरोप है कि बैंक से उसकी आरसी जारी करा दी गई, लेकिन अभी तक बैंक मैनेजरों ने लिखित में कर्ज की राशि के लिए नोटिस नहीं दिया है।
डीएम समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत कर चुके कर्मअलीपुर गढ़ी गांव के किसान धर्मपाल ने बताया कि उसने केसीसी पर 76 हजार रुपये ऋण लिया था। जिसके 83 हजार रुपये वर्ष 2010 में जमा कर दिए। इसके बाद 50 हजार रुपये का ऋण लिया। कुछ दिन बाद वह बैंक में रुपये जमा करने गया तो बैंक मैनेजर ने पहले ऋण के 50 हजार रुपये बकाया होना बताया। जिसे वह जमा कर चुका था।
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आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में उसकी 84 हजार रुपये की आरसी जारी कर दी गई। इसके बाद सरकार ने किसानों का एक लाख रुपये तक ऋण माफ किया। उसका ऋण भी माफ नहीं किया गया। सोमवार को सीडीओ ने एलडीएम को बैंक मैनेजर के साथ बैठकर किसान की समस्या का समाधान कराने के लिए कहा। वहीं, सीडीओ विद्यानाथ शुक्ल का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। बैंक मैनेजर, एलडीएम व अन्य अधिकारियों को बुलाकर किसान की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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