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गांव खाली करने के ऐलान से गर्माया खड़खड़ी
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:16 AM IST
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बुधवार रात खड़खड़ी में बावली के युवक से लूटपाट के बाद बावली और खड़खड़ी गांव के बीच सांप्रदायिक तनाव बन गया। आरोप है कि घटना से गुस्साए बावली के ग्रामीणों ने खड़खड़ी गांव में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। धर्म स्थल में घुसकर गांव वालों से गांव खाली करने की धमकी देते हुए एलान कर दिया।
जिससे सांप्रदायिक माहौल ओर गर्मा गया। पुलिस अफसर भारी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और माहौल शंात किया। बृहस्पतिवार को दोनों गांव के गणमान्य लोगों की पंचायत हुई जिसमें दोनों गांववालों के बीच आपसी समझौता हो गया।
बुधवार रात बावली गांव निवासी अमरेश और छछरपुर निवासी धर्मपाल पुसार से बाइक पर बावली आ रहे थे। जब वह खड़ख़ड़ी गांव को पार कर आगे पहुंचे तो तीन-चार बदमाशों ने तमंचों के बल पर उन्हें रोक लिया और उनसे छह हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया।
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इस घटना का जब बावली गांव वासियों को पता चला तो वह खड़खड़ी के पूर्व प्रधान गय्यूब के यहां पहुंचे और घटना की जानकारी दी। उनकी बातचीत चल ही रही थी कि कुछ असामाजिक तत्वों ने एक धार्मिक स्थल में घुसकर माइक से गांव वालों के प्रति भड़काऊ बातें कही। गांव वालों से गांव खाली कराने का एलान कर दिया गया। गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग भी की। जिससे गांव में सांप्रदायिक तनाव बन गया। सूचना पर सीओ सीपी सिंह, कोतवाली प्रभारी वीके सिंह, बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स लेकर गांव में पहुंचे और एक युवक को हिरासत में ले लिया और मामले की पड़ताल शुरू कर दी।
बृहस्पतिवार को बावली निवासी अरुण तोमर, हरख्याल, सत्यदेव, महक सिंह, सुरेश आदि गणमान्य लोग खड़खड़ी पहुंचे और बुधवार रात हुई घटना पद दुख व्यक्त किया। दोनों गांव वालों की एक पंचायत हुई इसमें खड़खड़ी के पूर्व प्रधान गय्यूब ने कहा कि लूटपाट करने वाले बदमाश उनके गांव के नहीं थे। पंचायत में लूट के शिकार अमरेश को भी बुलाया, तो लोगों ने आरोप लगाया कि रात को घटना के बाद अमरेश ही अपने साथ असामाजिक तत्वों को अपने साथ लेकर आया था, लेकिन अमरेश ने इससे इंकार किया। काफी देर तक दोनों पक्षों में आरोप प्रत्यारोप लगते रहे। घंटों मशक्कत के बाद अमरेश ने कहा दोनों गांव वालों का आपस में उठना बैठना है, इसलिए कोई ऐसी बात न हो जिससे दोनों गांवों का भाईचारा और आपसी मेलजोल खराब हो।
बाद में तय हुआ कि दोनों गांव के लोग कोतवाली पहुंचकर लिखित में समझौता करेंगे। इस संबंध में जब सीओ सीपी सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रात को बावली के लोगों से मोबाइल छीन लिया था, जिसके बाद बावली के लोग खड़खड़ी पहुंचे जिससे वहां तनाव पैदा हो गया। इसे देखते हुए रात में ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। बृहस्पतिवार की सुबह दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
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जिससे सांप्रदायिक माहौल ओर गर्मा गया। पुलिस अफसर भारी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और माहौल शंात किया। बृहस्पतिवार को दोनों गांव के गणमान्य लोगों की पंचायत हुई जिसमें दोनों गांववालों के बीच आपसी समझौता हो गया।
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बुधवार रात बावली गांव निवासी अमरेश और छछरपुर निवासी धर्मपाल पुसार से बाइक पर बावली आ रहे थे। जब वह खड़ख़ड़ी गांव को पार कर आगे पहुंचे तो तीन-चार बदमाशों ने तमंचों के बल पर उन्हें रोक लिया और उनसे छह हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया।
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इस घटना का जब बावली गांव वासियों को पता चला तो वह खड़खड़ी के पूर्व प्रधान गय्यूब के यहां पहुंचे और घटना की जानकारी दी। उनकी बातचीत चल ही रही थी कि कुछ असामाजिक तत्वों ने एक धार्मिक स्थल में घुसकर माइक से गांव वालों के प्रति भड़काऊ बातें कही। गांव वालों से गांव खाली कराने का एलान कर दिया गया। गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग भी की। जिससे गांव में सांप्रदायिक तनाव बन गया। सूचना पर सीओ सीपी सिंह, कोतवाली प्रभारी वीके सिंह, बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स लेकर गांव में पहुंचे और एक युवक को हिरासत में ले लिया और मामले की पड़ताल शुरू कर दी।
बृहस्पतिवार को बावली निवासी अरुण तोमर, हरख्याल, सत्यदेव, महक सिंह, सुरेश आदि गणमान्य लोग खड़खड़ी पहुंचे और बुधवार रात हुई घटना पद दुख व्यक्त किया। दोनों गांव वालों की एक पंचायत हुई इसमें खड़खड़ी के पूर्व प्रधान गय्यूब ने कहा कि लूटपाट करने वाले बदमाश उनके गांव के नहीं थे। पंचायत में लूट के शिकार अमरेश को भी बुलाया, तो लोगों ने आरोप लगाया कि रात को घटना के बाद अमरेश ही अपने साथ असामाजिक तत्वों को अपने साथ लेकर आया था, लेकिन अमरेश ने इससे इंकार किया। काफी देर तक दोनों पक्षों में आरोप प्रत्यारोप लगते रहे। घंटों मशक्कत के बाद अमरेश ने कहा दोनों गांव वालों का आपस में उठना बैठना है, इसलिए कोई ऐसी बात न हो जिससे दोनों गांवों का भाईचारा और आपसी मेलजोल खराब हो।
बाद में तय हुआ कि दोनों गांव के लोग कोतवाली पहुंचकर लिखित में समझौता करेंगे। इस संबंध में जब सीओ सीपी सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रात को बावली के लोगों से मोबाइल छीन लिया था, जिसके बाद बावली के लोग खड़खड़ी पहुंचे जिससे वहां तनाव पैदा हो गया। इसे देखते हुए रात में ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। बृहस्पतिवार की सुबह दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।