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दहेज हत्या में बर्खास्त सिपाही को दस साल की कैद
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रमाला थाने में मई 2013 में दर्ज हुआ था मुकदमा, 10 हजार रुपये अर्थदंड लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को फांसी लगाकर मारने के मामले में यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही को दस साल कैद की सजा सुनाई गई है। 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसे अदा न करने पर एक माह का कारावास बढ़ाया जाएगा। इस मामले में चार अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है।
एडीजीसी सुभाष तोमर और वादी के अधिवक्ता रामपाल नेहरा ने बताया कि सरूरपुर कलां गांव के राजेंद्र सिंह ने रमाला थाने में 18 मई 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि 27 जनवरी 2012 को उसकी बेटी पंकज उर्फ पिंकी की शादी किरठल गांव के यूपी पुलिस के सिपाही गौरव के साथ हुई थी। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल वालों ने 17 मई 2013 को उसकी बेटी की फांसी लगाकर हत्या कर दी। इसमें पुलिस ने पति गौरव, रूपेश, प्रवेश, बाला व राजकुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पांचों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद यूपी पुलिस के सिपाही गौरव को बर्खास्त कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई न्यायालय एफटीसी प्रथम में चल रही थी। मंगलवार को न्यायाधीश केके सिंह ने गौरव को दस साल के कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा रूपेश, प्रवेश, बाला व राजकुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को फांसी लगाकर मारने के मामले में यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही को दस साल कैद की सजा सुनाई गई है। 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसे अदा न करने पर एक माह का कारावास बढ़ाया जाएगा। इस मामले में चार अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है।
एडीजीसी सुभाष तोमर और वादी के अधिवक्ता रामपाल नेहरा ने बताया कि सरूरपुर कलां गांव के राजेंद्र सिंह ने रमाला थाने में 18 मई 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि 27 जनवरी 2012 को उसकी बेटी पंकज उर्फ पिंकी की शादी किरठल गांव के यूपी पुलिस के सिपाही गौरव के साथ हुई थी। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल वालों ने 17 मई 2013 को उसकी बेटी की फांसी लगाकर हत्या कर दी। इसमें पुलिस ने पति गौरव, रूपेश, प्रवेश, बाला व राजकुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पांचों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद यूपी पुलिस के सिपाही गौरव को बर्खास्त कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई न्यायालय एफटीसी प्रथम में चल रही थी। मंगलवार को न्यायाधीश केके सिंह ने गौरव को दस साल के कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा रूपेश, प्रवेश, बाला व राजकुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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