फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Temples climb plates

मंदिरों में चढ़ाई थालियां

Fri, 16 Sep 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 16 Sep 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
 Temples climb plates
बड़ौत के बड़े जैन मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
बड़ौत। दशलक्षण महा पर्व के अंतिम दिन जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। वहां श्रद्धालुओं ने उत्तम ब्रहमचर्य धर्म की विशेष पूजा - अर्चना की। दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में तेरह द्वीप विधान में चार पूजा कीं और बीच-बीच में विधानाचार्य नरेश चंद शास्त्री ने विधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके अलावा छोटे जैन मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा - अर्चना की। 
विज्ञापन


वहीं अन्नत चौदस महा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। मंदिरों में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने सामग्री की थाली चढ़ाई और उपवास किए और मंदिरों में दान दिया। इस पर्व पर मंदिरों में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। इसमें मनोज जैन, अनिल जैन, विजय जैन, महीपाल जैन, सुशील जैन, अतुल जैन, दिनेश जैन, प्रवीण जैन, सतीश जैन, सुरेश जैन, सुनील जैन, श्रवण जैन, आनंद जैन, सुरेंद्र आदि रहे। 
विज्ञापन


अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य विहर्ष सागर महाराज के सानिध्य में अन्नत चतुर्दशी पर्व धूमधाम से मना। इस मौके पर भगवान को थालियां भेंट की । इंद्रों ने गर्म प्रासुक जल से भगवान का अभिषेक किया। शोधर्म इंद्र हंस कुमार जैन ने भगवान की पूजा-अर्चना की। वासु पूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया और भगवान को निर्वाण लाडू अर्पण किया। अतंतनाथ भगवान की भी विशेष पूजा की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, अतिथि भवन में आयोजित धर्मसभा में विहर्ष सागर महाराज ने कहा  आत्म में ब्रह्म में रमण करने का नाम उत्तम ब्रह्मचर्य है। सही ज्ञान प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को जब तक विवाह ने हो तब तक ब्रह्मचर्य धारण करना चाहिए। भारतीय संस्कृति, शील, सदाचार और ब्रह्म की संस्कृति है। आज विकृतियां बढ़ रही है। देश पतन की ओर जा रहा है। जीवन में शील सदाचार का पालन करें।  

बिना फल भुगते प्राप्ति नहीं होती- आचार्य

बड़ौत में आचार्य सुभद्र मुनि ने कहा मनुष्य को अपने सभी कर्मों का फल भुगतना पड़ता है। चाहे कर्म पुण्य के चाहे पाप कर्म हो। बिना फल भुगते प्राप्ति नहीं होती।   बृहस्पतिवार को जैन स्थानक मंडी में आयोजित धर्मसभा में  उन्होंने कहा जब मनुष्य किसी प्रकार की क्रिया करता है, तभी से उसके कर्म बंध प्रारंभ हो जाते हैं और उनका फल कर्मों के आधार पर ही मिलता है। उन्होंने कहा  हमारा जैन समाज मनुष्य के जन्म पर विश्वास करता है।

खेकड़ा में भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में प्रात:काल भगवान पार्श्वनाथ की पूजा अर्चना आरती के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। शाम के समय प्रश्नोत्तरी और तमोला गेम आदि कार्यक्रम हुआ। इसके अलावा छोटा बाजार स्थित श्री शांति नाथ प्राचीन दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, बड़ागांव त्रिलोक तीर्थ धाम, प्राचीन जैन मंदिर बड़ागांव आदि नाथ जैन मंदिर आदि में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। 

 दिगंबर जैन इंटर कॉलेज पांडुशिला मैदान में बुधवार की रात में जैन तीर्थ यात्रा संघ के सौजन्य से पार्श्वनाथ पद्मावती भक्ति आराधना का आयोजन किया। इसमें कलाकारों की भजनों पर श्रद्धालु थिरके।

अमीनगर सराय में बाबा लालमन दास अतिथि भवन में विधानाचार्य ज्ञानचंद शास्त्री, अक्षय शास्त्री ने देवशास्त्र गृह की पूजा कराई। पंडित धनराज जैन, विनोद जैन, जय कुमार जैन, योगेश जैन, राकेश जैन, सुधीर जैन, प्रवीण जैन, अशोक जैन, अनिल जैन, मदनेश जैन, दिनेश जैन, अरुण जैन मौजूद रहे।


बागपत के दिगंबर जैन मंदिर में बृहस्पतिवार को दशलक्षण विधान में विधानाचार्य सतीश शास्त्री के निर्देशन में भगवान का अभिषेक और शांति धारा की गई। उत्तम ब्रह्मचार्य धर्म की पूजा की । जैन साध्वी गणिनी आर्यिका कीर्तिमति माता ने कहा कि जिस प्रकार सूर्य के बिना दिन को प्राप्त नहीं किया जाता।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed