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टांडा तक बसें न चलने से परेशानी
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Mon, 08 May 2017 12:45 AM IST
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छपरौली। परिवहन व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। टांडा तक जाने वाले बसें अंधेरा होने से पहले ही बंद हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा प्रशासन को बसों की बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए।
परेशान क्षेत्रवासी जितेंद्र कुमार, राजीव कुमार, प्रदीप कुमार, सतेंद्र, सतबीर, अमित, हरबीर, सुखपाल ने बताया छपरौली से टांडा की ओर जाने वाली कुछ बसें टांडा तक जाती है, लेकिन शाम के समय यह बसें भी सड़क से गायब हो जाती है, ऐसी दशा में हलाकान यात्रियों को रात में अपने गंतत्व तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा मेरठ-टांडा तक चलने वाली प्राइवेट बसें टांडा तक नहीं पहुंचती यह परेशानी का सबब बना हुआ है। मेरठ से टांडा तक बसें चलाने के परमिट होने के बाद भी बस मालिक टांडा से आठ किमी पहले की छपरौली में बसों को रोक देते हैं। इसके चलते मुसाफिर भटकते रहते हैं।
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कई बार परेशान यात्री ने उच्च अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया तो दिन के समय कुछ बसें की टांडा तक पहुंचने लगी जो शाम के समय सड़क पर भी नजर नहीं आती जबकि छपरौली में प्राइवेट बसों के स्टैंड पर शाम के समय कई बसें खड़ी रहती है, फिर भी बस मालिक बसें कम होने का बहाना करके पल्ला झाड़ लेते है और टांडा, कूड़ी, नांगल आदि गांवों के लिए जाने वाले यात्रियों को छपरौली के बस स्टैंड पर ही उतार देते हैं। एआटीओ प्रवर्तन आरपी मिश्रा ने कहा यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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परेशान क्षेत्रवासी जितेंद्र कुमार, राजीव कुमार, प्रदीप कुमार, सतेंद्र, सतबीर, अमित, हरबीर, सुखपाल ने बताया छपरौली से टांडा की ओर जाने वाली कुछ बसें टांडा तक जाती है, लेकिन शाम के समय यह बसें भी सड़क से गायब हो जाती है, ऐसी दशा में हलाकान यात्रियों को रात में अपने गंतत्व तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है।
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ग्रामीणों ने कहा मेरठ-टांडा तक चलने वाली प्राइवेट बसें टांडा तक नहीं पहुंचती यह परेशानी का सबब बना हुआ है। मेरठ से टांडा तक बसें चलाने के परमिट होने के बाद भी बस मालिक टांडा से आठ किमी पहले की छपरौली में बसों को रोक देते हैं। इसके चलते मुसाफिर भटकते रहते हैं।
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कई बार परेशान यात्री ने उच्च अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया तो दिन के समय कुछ बसें की टांडा तक पहुंचने लगी जो शाम के समय सड़क पर भी नजर नहीं आती जबकि छपरौली में प्राइवेट बसों के स्टैंड पर शाम के समय कई बसें खड़ी रहती है, फिर भी बस मालिक बसें कम होने का बहाना करके पल्ला झाड़ लेते है और टांडा, कूड़ी, नांगल आदि गांवों के लिए जाने वाले यात्रियों को छपरौली के बस स्टैंड पर ही उतार देते हैं। एआटीओ प्रवर्तन आरपी मिश्रा ने कहा यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।