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समालखा से मेरठ तक हाईवे निर्माण को जल्द शुरू होगा सर्वे
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बागपत। पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों को हरियाणा की मंडियों से जोड़ने को समालखा से मेरठ हाईवे निर्माण का सर्वे शीघ्र शुरू होगा। इसके लिए सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को प्रस्ताव दिया था। छपरौली में यमुना नदी पर पुल से दोनों ओर हाईवे जुड़ेगा।
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि छपरौली में यमुना नदी पर पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। पुल बनते ही समालखा से मेरठ की दूरी 24 किमी कम हो जाएगी। दोनों राज्यों के किसानों के बीच आवागमन सरल हो जाएगा। पानीपत के समालखा से टांडा, छपरौली, रठौड़ा, तिलवाड़ा, बासौली से सीधे बरनावा होते हुए मेरठ तक चार लेन हाईवे का प्रस्ताव रखा था। जल्द ही इसका सर्वे शुरू हो जाएगा। सांसद का कहना है कि हाईवे के जरिए किसानों को अधिक सहूलियत मिलेगी। छपरौली से बरनावा तक बड़ी संख्या में किसान सब्जी की खेती करते हैं। यमुना नदी पर पुल और हाईवे बन जाने से किसानों की पहुंच हरियाणा की मंडियों तक आसानी से होगी। अभी समालखा से करनाल, कैराना होते हुए मेरठ जाना पड़ता है। हाईवे के बनने से बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली के किसानों को इससे लाभ मिलेगा। एनएचएआई के चेयरमैन सुखवीर सिंह संधू ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।
इन प्रोजेक्टों पर भी होगा तेजी से काम
- दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर (ग्रीन एक्सप्रेसवे) के निर्माण कार्य में तेजी।
- बड़ौत में इकनॉमिक कॉरिडोर से मेरठ रोड को जोड़ने के लिए बाईपास के निर्माण कार्य को शीघ्र स्वीकृति।
- ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे से बड़ा गांव के विख्यात जैन त्रिलोक तीर्थधाम तक सर्विस रोड के निर्माण कार्य की जल्द शुरुआत।
- बहालगढ़-बागपत-मेरठ राष्ट्रीय राजमार्ग 334-बी के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करना।
- राष्ट्रीय राजमार्ग 709-ए वाया मेरठ-भूनी-बुढ़ाना-शामली-करनाल के निर्माण कार्य में तेजी लाना।
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सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि छपरौली में यमुना नदी पर पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। पुल बनते ही समालखा से मेरठ की दूरी 24 किमी कम हो जाएगी। दोनों राज्यों के किसानों के बीच आवागमन सरल हो जाएगा। पानीपत के समालखा से टांडा, छपरौली, रठौड़ा, तिलवाड़ा, बासौली से सीधे बरनावा होते हुए मेरठ तक चार लेन हाईवे का प्रस्ताव रखा था। जल्द ही इसका सर्वे शुरू हो जाएगा। सांसद का कहना है कि हाईवे के जरिए किसानों को अधिक सहूलियत मिलेगी। छपरौली से बरनावा तक बड़ी संख्या में किसान सब्जी की खेती करते हैं। यमुना नदी पर पुल और हाईवे बन जाने से किसानों की पहुंच हरियाणा की मंडियों तक आसानी से होगी। अभी समालखा से करनाल, कैराना होते हुए मेरठ जाना पड़ता है। हाईवे के बनने से बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली के किसानों को इससे लाभ मिलेगा। एनएचएआई के चेयरमैन सुखवीर सिंह संधू ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।
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इन प्रोजेक्टों पर भी होगा तेजी से काम
- दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर (ग्रीन एक्सप्रेसवे) के निर्माण कार्य में तेजी।
- बड़ौत में इकनॉमिक कॉरिडोर से मेरठ रोड को जोड़ने के लिए बाईपास के निर्माण कार्य को शीघ्र स्वीकृति।
- ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे से बड़ा गांव के विख्यात जैन त्रिलोक तीर्थधाम तक सर्विस रोड के निर्माण कार्य की जल्द शुरुआत।
- बहालगढ़-बागपत-मेरठ राष्ट्रीय राजमार्ग 334-बी के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करना।
- राष्ट्रीय राजमार्ग 709-ए वाया मेरठ-भूनी-बुढ़ाना-शामली-करनाल के निर्माण कार्य में तेजी लाना।