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नोटिस के बाद भी नहीं किया भुगतान, किसानों का 800 करोड़ दबाए बैठी चीनी मिल
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नोटिस के बाद भी नहीं किया भुगतान
मलकपुर मिल दबाए बैठी है किसानों का चार सौ करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए नोटिस जारी करने के बाद भी चीनी मिलें किसानों के आठ सौ करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। बागपत समेत छह जिलों की 12 मिलों पर किसानों का बकाया चल रहा है। बागपत में अकेले मलकपुर मिल पर किसानों के चार सौ करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें से 50 करोड़ रुपये अभी पिछले सत्र के बकाया हैं। भुगतान जल्द न करने पर गन्ना विभाग की ओर से मिलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जिले के एक लाख 29 हजार एक सौ किसान बागपत शुगर मिल, गन्ना सहकारी मिल रमाला, मलकपुर शुगर मिल के अतिरिक्त मेरठ की किनौनी शुगर मिल, दौराला शुगर मिल, नंगलामल शुगर मिल, मुजफ्फरनगर की तितावी शुगर मिल, खतौली शुगर मिल, भैंसाना शुगर मिल, शामली की ऊन शुगर मिल, हापुड़ की बृजनाथ शुगर मिल और गाजियाबाद की मोदीनगर शुगर मिल पर गन्ने की सप्लाई की जाती है। इन मिलों पर किसानों के आठ सौ करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें से सबसे अधिक चार सौ करोड़ रुपये बकाया मलकपुर शुगर मिल पर हैं। इसमें से 50 करोड़ रुपये पिछले सत्र के हैं। गन्ना विभाग की ओर से चीनी मिलों को किसानों के बकाये का भुगतान कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद मिलों पर किसानों का बकाया चल रहा है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि मिलों को किसानों के बकाए का भुगतान कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मलकपुर मिल दबाए बैठी है किसानों का चार सौ करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए नोटिस जारी करने के बाद भी चीनी मिलें किसानों के आठ सौ करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। बागपत समेत छह जिलों की 12 मिलों पर किसानों का बकाया चल रहा है। बागपत में अकेले मलकपुर मिल पर किसानों के चार सौ करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें से 50 करोड़ रुपये अभी पिछले सत्र के बकाया हैं। भुगतान जल्द न करने पर गन्ना विभाग की ओर से मिलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जिले के एक लाख 29 हजार एक सौ किसान बागपत शुगर मिल, गन्ना सहकारी मिल रमाला, मलकपुर शुगर मिल के अतिरिक्त मेरठ की किनौनी शुगर मिल, दौराला शुगर मिल, नंगलामल शुगर मिल, मुजफ्फरनगर की तितावी शुगर मिल, खतौली शुगर मिल, भैंसाना शुगर मिल, शामली की ऊन शुगर मिल, हापुड़ की बृजनाथ शुगर मिल और गाजियाबाद की मोदीनगर शुगर मिल पर गन्ने की सप्लाई की जाती है। इन मिलों पर किसानों के आठ सौ करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें से सबसे अधिक चार सौ करोड़ रुपये बकाया मलकपुर शुगर मिल पर हैं। इसमें से 50 करोड़ रुपये पिछले सत्र के हैं। गन्ना विभाग की ओर से चीनी मिलों को किसानों के बकाये का भुगतान कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद मिलों पर किसानों का बकाया चल रहा है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि मिलों को किसानों के बकाए का भुगतान कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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