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Baghpat News: 20 घंटे में 18 बार बंद हुई चीनी मिल, घंटों लाइन में लगे रहे किसान
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बागपत चीनी मिल स्थित गन्ना यार्ड में परेशान खड़े किसान। संवाद
- बागपत शुगर मिले में गन्ने के रस वाली पाइपलाइन कई बार हुई लीक, रोलर व मोटर ने भी दे दिया जवाब
- किसानों को उठानी पड़ी परेशानी, दिनभर किसानों को लाइन में लगकर करना पड़ा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बागपत चीनी मिल को चले हुए अभी 20 घंटे भी नहीं हुए और वह 18 बार बंद हो गई। मिल चलने के कुछ देर बाद ही बंद हो जाती है। मिल बार-बार बंद होने के कारण किसानों परेशानी उठानी पड़ी और दिनभर लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। वहीं किसानों ने मिल को सही तरीके से चलाने की मांग की है।
बागपत चीनी मिल को विधिवत रूप से सोमवार को चालू किया गया था मगर गन्ना नहीं आने के कारण उसे पंद्रह मिनट चलाने के बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद गन्ना आने पर बृहस्पतिवार को सुबह पांच बजे मिल को चालू किया गया। मिल चालू होते ही गन्ने के रस वाली पाइपलाइन लीक हो गई, जिससे मिल को बंद करना पड़ा। जब लीकेज सही किया तो गन्ने के कटर वाली चेन के मोटर ने जवाब दे दिया। मोटर सही किया तो रोलर खराब हो गया।
इस तरह बृहस्पतिवार सुबह को तीन घंटे तक हर पंद्रह मिनट में मिल बंद होती रही। इसके बाद भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ और मिल को घंटों तक के लिए बार-बार बंद करना पड़ रहा था। इस तरह से 20 घंटे में मिल 18 बार बंद हुई। ऐसे में किसान भी लाइन में खड़े होकर इंतजार करते नजर आए। मिल में बसा टीकरी, काठा, पाली, नयागांव हमीदाबाद, सिसाना, गौरीपुर, मीतली, डौला, मवीकलां, खेकड़ा व बागपत के किसान गन्ना लेकर पहुंचे थे। किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि 65 साल पुरानी मिल में कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है। मिल की सभी मशीनें पुरानी हो चुकीं हैं और सही से काम नहीं करतीं हैं। यदि जल्द ही मिल की हालत सही नहीं की गई तो वह आंदोलन करेंगे।
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-- 20 घंटे में सात हजार क्विंटल गन्ना पेराई
बागपत चीनी मिल बृहस्पतिवार को चालू हो गई थी और पहले दिन सात हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की गई तो शुक्रवार को 23 हजार क्विंटल गन्ना पेराई होने की उम्मीद है। मिल की क्षमता 25 हजार क्विंटल रोजाना गन्ना पेराई करने की है। यदि मिल सही चली तो रोजाना 25 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की जाएगी।
-मिल बार-बार बंद रहने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। बुधवार की शाम को बुग्गी में गन्ना लेकर आ गए थे, लेकिन मिल चालू नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ी। - जुगनू शर्मा, मीतली
- किसानों से समय से मिल में गन्ना तो मंगवा लेते हैं, लेकिन यहां व्यवस्था ठीक नहीं है। जब मिल में खराबी आ रही है तो किसानों से गन्ना तभी मंगवाते जब मिल ठीक हो जाती। - विनोद राणा, खेड़ा इस्लामपुर
- मिल में मशीन कई बार खराब होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। दिन में कई बार मिल बंद होने से किसानों को पूरा दिन लाइन में खड़ा रहना पड़ा। - धर्मपाल सिंह, सांकरौद - बार-बार मिल में खराबी आ रही है। मिल को कभी शुरू कर देते हैं तो कभी मिल बंद हो जाती है। घंटों इंतजार के बाद गन्ने की पेराई हो सकी। - पंकज चौहान, पाली
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रमाला मिल में नहीं पहुंचा गन्ना, पेराई नहीं हुई शुरू
रमाला। रमाला मिल में पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं पहुंचने के कारण मिल की पेराई शुरू नहीं हो सकी है। मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी रामसेवक यादव ने बताया कि रमाला मिल तीन दिन से किसानों का इंडेट जारी कर रही है। इसके बावजूद भी किसान गन्ने की छिलाई नहीं कर रहे हैं। इंडेंट जारी होने के बाद भी किसान मिल में गन्ना लेकर नहीं पहुंच पा रहा है। मिल ने क्रय केंद्रों का भी 20 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी कर दिया है। मिल के सभी क्रय केंद्रों पर सात नवंबर से तौल शुरू कर दी जाएगी।
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वर्जन
- मिल बृहस्पतिवार को कई बार बंद हुई थी। धीरे-धीरे मिल चलने लगेगी, क्योंकि मिल चलने में समय लगता है। बॉयलर व टरबाइन शुरू में सही से काम नहीं करते हैं और तीन से चार दिन चलने के बाद वह नियमित चलने लगेंगे। - राजदीप बालियान, मुख्य गन्ना अधिकारी, बागपत
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- किसानों को उठानी पड़ी परेशानी, दिनभर किसानों को लाइन में लगकर करना पड़ा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बागपत चीनी मिल को चले हुए अभी 20 घंटे भी नहीं हुए और वह 18 बार बंद हो गई। मिल चलने के कुछ देर बाद ही बंद हो जाती है। मिल बार-बार बंद होने के कारण किसानों परेशानी उठानी पड़ी और दिनभर लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। वहीं किसानों ने मिल को सही तरीके से चलाने की मांग की है।
बागपत चीनी मिल को विधिवत रूप से सोमवार को चालू किया गया था मगर गन्ना नहीं आने के कारण उसे पंद्रह मिनट चलाने के बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद गन्ना आने पर बृहस्पतिवार को सुबह पांच बजे मिल को चालू किया गया। मिल चालू होते ही गन्ने के रस वाली पाइपलाइन लीक हो गई, जिससे मिल को बंद करना पड़ा। जब लीकेज सही किया तो गन्ने के कटर वाली चेन के मोटर ने जवाब दे दिया। मोटर सही किया तो रोलर खराब हो गया।
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इस तरह बृहस्पतिवार सुबह को तीन घंटे तक हर पंद्रह मिनट में मिल बंद होती रही। इसके बाद भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ और मिल को घंटों तक के लिए बार-बार बंद करना पड़ रहा था। इस तरह से 20 घंटे में मिल 18 बार बंद हुई। ऐसे में किसान भी लाइन में खड़े होकर इंतजार करते नजर आए। मिल में बसा टीकरी, काठा, पाली, नयागांव हमीदाबाद, सिसाना, गौरीपुर, मीतली, डौला, मवीकलां, खेकड़ा व बागपत के किसान गन्ना लेकर पहुंचे थे। किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि 65 साल पुरानी मिल में कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है। मिल की सभी मशीनें पुरानी हो चुकीं हैं और सही से काम नहीं करतीं हैं। यदि जल्द ही मिल की हालत सही नहीं की गई तो वह आंदोलन करेंगे।
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बागपत चीनी मिल बृहस्पतिवार को चालू हो गई थी और पहले दिन सात हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की गई तो शुक्रवार को 23 हजार क्विंटल गन्ना पेराई होने की उम्मीद है। मिल की क्षमता 25 हजार क्विंटल रोजाना गन्ना पेराई करने की है। यदि मिल सही चली तो रोजाना 25 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की जाएगी।
-मिल बार-बार बंद रहने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। बुधवार की शाम को बुग्गी में गन्ना लेकर आ गए थे, लेकिन मिल चालू नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ी। - जुगनू शर्मा, मीतली
- किसानों से समय से मिल में गन्ना तो मंगवा लेते हैं, लेकिन यहां व्यवस्था ठीक नहीं है। जब मिल में खराबी आ रही है तो किसानों से गन्ना तभी मंगवाते जब मिल ठीक हो जाती। - विनोद राणा, खेड़ा इस्लामपुर
- मिल में मशीन कई बार खराब होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। दिन में कई बार मिल बंद होने से किसानों को पूरा दिन लाइन में खड़ा रहना पड़ा। - धर्मपाल सिंह, सांकरौद - बार-बार मिल में खराबी आ रही है। मिल को कभी शुरू कर देते हैं तो कभी मिल बंद हो जाती है। घंटों इंतजार के बाद गन्ने की पेराई हो सकी। - पंकज चौहान, पाली
रमाला मिल में नहीं पहुंचा गन्ना, पेराई नहीं हुई शुरू
रमाला। रमाला मिल में पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं पहुंचने के कारण मिल की पेराई शुरू नहीं हो सकी है। मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी रामसेवक यादव ने बताया कि रमाला मिल तीन दिन से किसानों का इंडेट जारी कर रही है। इसके बावजूद भी किसान गन्ने की छिलाई नहीं कर रहे हैं। इंडेंट जारी होने के बाद भी किसान मिल में गन्ना लेकर नहीं पहुंच पा रहा है। मिल ने क्रय केंद्रों का भी 20 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी कर दिया है। मिल के सभी क्रय केंद्रों पर सात नवंबर से तौल शुरू कर दी जाएगी।
वर्जन
- मिल बृहस्पतिवार को कई बार बंद हुई थी। धीरे-धीरे मिल चलने लगेगी, क्योंकि मिल चलने में समय लगता है। बॉयलर व टरबाइन शुरू में सही से काम नहीं करते हैं और तीन से चार दिन चलने के बाद वह नियमित चलने लगेंगे। - राजदीप बालियान, मुख्य गन्ना अधिकारी, बागपत

बागपत चीनी मिल स्थित गन्ना यार्ड में परेशान खड़े किसान। संवाद

बागपत चीनी मिल स्थित गन्ना यार्ड में परेशान खड़े किसान। संवाद

बागपत चीनी मिल स्थित गन्ना यार्ड में परेशान खड़े किसान। संवाद

बागपत चीनी मिल स्थित गन्ना यार्ड में परेशान खड़े किसान। संवाद

बागपत चीनी मिल स्थित गन्ना यार्ड में परेशान खड़े किसान। संवाद