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सरकारी स्कूलों का बुरा हाल, बिजली-पानी को तरस रहे छात्र

Fri, 07 Oct 2022 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 12:33 AM IST
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Students craving for electricity and water in government schools
संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। जिले में सरकारी स्कूलों का बुरा हाल है। यहां बिजली नहीं होने से छात्रों को कमरे में अंधेरे में ही पढ़ाई करनी पड़ती है। वहीं, स्कूलों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिससे छात्र पेयजल के लिए तरस रहे हैं। कई जगह एक ही कमरे में दो-दो कक्षाएं संचालित हैं। कहीं मिड-डे मील के बाद छात्रों से प्लेट धुलवाई जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी विद्यालयों का निरीक्षण तक करने की जहमत नहीं उठाते हैं।
अंधेरे में पढ़ते हैं छात्र, पेयजल की भी परेशानी
छपरौली कस्बे के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में बिजली का कनेक्शन नहीं है। छात्रों को कमरे में अंधेरे और गर्मी में पढ़ाई करनी पड़ती है। बिजली का कनेक्शन न होने से सबमर्सिबल भी ठप है। स्कूल में एक हैंडपंप है। वह भी काफी समय से खराब है। छात्र-छात्राओं को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। छात्रों को अपने घर से बोतल में पानी लेकर स्कूल आना पड़ता है या फिर पड़ोस के घरों से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके बावजूद अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करा रहे हैं।
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एक कमरे में दो कक्षाएं संचालित
बिनौली ब्लॉक के दादरी गांव के कंपोजिट विद्यालय का भवन जर्जर है। पूर्व में चार कमरे ध्वस्त कराए जा चुके हैं। अब चार कमरों में ही स्कूल संचालित किया जा रहा है। बरसात होने पर चार में से तीन कमरे में पानी टपकता है। वहीं, नमी के कारण कमरों में दरारें आने लगी हैं। इससे छात्रों की जान को खतरा है। इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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मवींखुर्द के विद्यालय में बच्चे खुद धोते है प्लेट
मवींखुर्द के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को प्लेट खुद धोनी पड़ती हैं। स्कूल में छात्रों को मिड-डे मील का वितरण भी मेन्यू के आधार पर नहीं किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को मेन्यू के आधार पर छात्रों को रोटी और दाल देनी थी, जबकि स्कूल में छात्रों को ताहरी दी गई। खाना खाने के बाद बच्चों से ही बर्तन धुलवाए गए।
वर्जन
कई बार की जा चुकी शिकायत
विद्यालय का हैंडपंप खराब होने की शिकायत कई बार मौखिक और लिखित की जा चुकी है। पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त भी कई समस्याएं हैं।-सुमिता देवी, प्रधानाध्यापिका प्राथमिक विद्यालय छपरौली
अधिकारी स्तर से लेंगे निर्णय
स्कूल की स्थिति के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। अधिकारियों के स्तर से भवन निर्माण व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर फैसला लिया जाना है।-हरेंद्र सिंह तोमर, प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय दादरी

समस्या का जल्द कराएंगे समाधान
जिन स्कूल में विद्युत कनेक्शन नहीं है, वहां कनेक्शन लगवाने की कार्रवाई चल रही है। हैंडपंप रिबोर कराने के लिए जल निगम को पत्र भेजा है। जल्द की पेयजल की समस्या का समाधान कराया जाएगा।-सरिता डबराल, बीईओ छपरौली
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