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हड़ताल से गड़बड़ाया स्वास्थ्य
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:44 AM IST
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बागपत। संविदा चिकित्सक, स्टाफ नर्स और ऑपरेटर की अनिश्चित कालीन हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग में सब कुछ गड़बड़ा गया है। एक ओर से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है, दूसरी ओर विभागीय कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे है। आशा भी हड़ताल पर पहुंची।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की अनिश्चित कालीन हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग में हालत बेकाबू होते जा रहे है। प्रमानेंट चिकित्सकों पर मरीज संभल नहीं रहे है। एक डॉक्टरों को सैकड़ों मरीजों का उपचार कर रहा है। डॉक्टरी की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय कार्य भी पूरी तरह ठप हो गए है। इस समय स्वास्थ्य विभाग में भूचाल जैसे हालत बने हैं। ऑपरेटरों से लेकर स्टाफ नर्स, डॉक्टर आदि हड़ताल पर है। डॉ. श्रवण कुमार गोस्वामी ने बताया जब तक उनकी नियमित करण, एचआर पॉलिसी, रिजवी कमेटी को लागू, आउट सोर्सिंग भर्ती, आशा और एनआरएचएम से निष्कासित एमपीडब्ल्यू की सेवा बहाल नहीं हो जाती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आशा की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान रहता है।
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इनकी मांगों को भी पूरा किया जाना चाहिए। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा जरूरत पड़ी तो रोड जाम और प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला फुंकने से भी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन अपना हक और अधिकार लेकर रहेंगे। इसमें डॉ. संजय ढाका, डॉ. राम कुमार शर्मा, डॉ. आशु बंसल, डॉ. अभिषेक कुमार, आस मोहम्मद, सुधीर गुर्जर, गौरी शंकर, अमर सिंह, वर्षा, दीपा, प्रमिता शर्मा, बबीता, रचना, शीबा परवीन, कविता, सीमा रानी आदि रहे।
बड़ौत में उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को बड़ौत सीएचसी में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों की सीएचसी कर्मचारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। उन्होंने कहा जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। बृहस्पतिवार को कर्मचारी सचिन के नेतृत्व में सीएचसी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान सचिन ने कहा संघ के कर्मचारियों का शोषण बर्दास्त नहीं होगा।
उन्होंने बताया नियमित नियुक्तियों मेें संविदा कर्मियों को शीर्ष वरीयता देकर समायोजित करने, समान कार्य समान वेतन एवं एचआर पॉलिसी को लागू करने, उप्र शासन द्वारा रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को लागू कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, भविष्य में आउट सोर्सिंग भर्ती लागू करने, निश्चित मानदेय एवं कर्मचारियों का दर्जा देने व एनएचएम से निष्कासित एमपीडब्लू की सेवाएं बेहाल करने आदि मांगों को सीएचसी पर तालाबंदी कर हंगामा किया ।
इसमें मुख्य रूप से गौरी शंकर, अमर सिंह, वर्षा, दीपा, प्रमिता शर्मा, बबीता, रचना, शीबा, प्रवीण, कविता, शोभा, शिवकुमार, रामकुमार शर्मा, डॉ. श्रवण गोस्वामी, डॉ. आंसु बंसल, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. संजय ढाका, आस मोहम्मद, सुधीर, विकास, अरुण कुमार, सीमा, मधुबाला, आसु चौहान, रूबी, उषा, कविता, संगीता, नेहा शामिल रहे।
खेकड़ा। संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर खेकड़ा सीएचसी पर नियमितीकरण आदि मांगों को लेकर दूसरे दिन भी संविदा कर्मियों का धरना जारी रहा।
आंदोलनरत कर्मचारियों ने अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक को ज्ञापन सौंप कर मांगों को जल्द पूर्ण करवाने की मांग की। साथ ही आशाओं ने एंबुलेंस के चालक का घेराव कर गाड़ी की चाबी छीन ली और करीब एक घंटे से अधिक समय तक चाबी नहीं दी। काफी समझाने पर चाबी लौटाई। इससे इस दौरान एंबुलेंस सेवा ठप रही। इस दौरान बीपीएम रूपेंद्र शर्मा, डीईओ सचिन शर्मा, डॉ. गौरव वर्मा, डॉ. दीप्ति मलिक, डॉ. शाजिया खान, संदीप संधु, नफीस खान, प्रभा रस्तौगी, शिवशरण, पंकज जोशी, सविता यादव, पुष्पा पटेल, दीपा आदि रहे।
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की अनिश्चित कालीन हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग में हालत बेकाबू होते जा रहे है। प्रमानेंट चिकित्सकों पर मरीज संभल नहीं रहे है। एक डॉक्टरों को सैकड़ों मरीजों का उपचार कर रहा है। डॉक्टरी की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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विभागीय कार्य भी पूरी तरह ठप हो गए है। इस समय स्वास्थ्य विभाग में भूचाल जैसे हालत बने हैं। ऑपरेटरों से लेकर स्टाफ नर्स, डॉक्टर आदि हड़ताल पर है। डॉ. श्रवण कुमार गोस्वामी ने बताया जब तक उनकी नियमित करण, एचआर पॉलिसी, रिजवी कमेटी को लागू, आउट सोर्सिंग भर्ती, आशा और एनआरएचएम से निष्कासित एमपीडब्ल्यू की सेवा बहाल नहीं हो जाती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आशा की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान रहता है।
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इनकी मांगों को भी पूरा किया जाना चाहिए। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा जरूरत पड़ी तो रोड जाम और प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला फुंकने से भी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन अपना हक और अधिकार लेकर रहेंगे। इसमें डॉ. संजय ढाका, डॉ. राम कुमार शर्मा, डॉ. आशु बंसल, डॉ. अभिषेक कुमार, आस मोहम्मद, सुधीर गुर्जर, गौरी शंकर, अमर सिंह, वर्षा, दीपा, प्रमिता शर्मा, बबीता, रचना, शीबा परवीन, कविता, सीमा रानी आदि रहे।
बड़ौत में उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को बड़ौत सीएचसी में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों की सीएचसी कर्मचारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। उन्होंने कहा जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। बृहस्पतिवार को कर्मचारी सचिन के नेतृत्व में सीएचसी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान सचिन ने कहा संघ के कर्मचारियों का शोषण बर्दास्त नहीं होगा।
उन्होंने बताया नियमित नियुक्तियों मेें संविदा कर्मियों को शीर्ष वरीयता देकर समायोजित करने, समान कार्य समान वेतन एवं एचआर पॉलिसी को लागू करने, उप्र शासन द्वारा रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को लागू कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, भविष्य में आउट सोर्सिंग भर्ती लागू करने, निश्चित मानदेय एवं कर्मचारियों का दर्जा देने व एनएचएम से निष्कासित एमपीडब्लू की सेवाएं बेहाल करने आदि मांगों को सीएचसी पर तालाबंदी कर हंगामा किया ।
इसमें मुख्य रूप से गौरी शंकर, अमर सिंह, वर्षा, दीपा, प्रमिता शर्मा, बबीता, रचना, शीबा, प्रवीण, कविता, शोभा, शिवकुमार, रामकुमार शर्मा, डॉ. श्रवण गोस्वामी, डॉ. आंसु बंसल, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. संजय ढाका, आस मोहम्मद, सुधीर, विकास, अरुण कुमार, सीमा, मधुबाला, आसु चौहान, रूबी, उषा, कविता, संगीता, नेहा शामिल रहे।
खेकड़ा। संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर खेकड़ा सीएचसी पर नियमितीकरण आदि मांगों को लेकर दूसरे दिन भी संविदा कर्मियों का धरना जारी रहा।
आंदोलनरत कर्मचारियों ने अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक को ज्ञापन सौंप कर मांगों को जल्द पूर्ण करवाने की मांग की। साथ ही आशाओं ने एंबुलेंस के चालक का घेराव कर गाड़ी की चाबी छीन ली और करीब एक घंटे से अधिक समय तक चाबी नहीं दी। काफी समझाने पर चाबी लौटाई। इससे इस दौरान एंबुलेंस सेवा ठप रही। इस दौरान बीपीएम रूपेंद्र शर्मा, डीईओ सचिन शर्मा, डॉ. गौरव वर्मा, डॉ. दीप्ति मलिक, डॉ. शाजिया खान, संदीप संधु, नफीस खान, प्रभा रस्तौगी, शिवशरण, पंकज जोशी, सविता यादव, पुष्पा पटेल, दीपा आदि रहे।