{"_id":"6266e8c36ac10b4fdd1a95f5","slug":"stomach-shot-man-sentenced-to-eight-years-baghpat-news-mrt5859641150","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यक्ति के पेट में गोली मारने वाले को आठ साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यक्ति के पेट में गोली मारने वाले को आठ साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। झूंडपुर के व्यक्ति को तमेलागढ़ी गांव में रंजिशन गोली मारने वाले को अदालत ने आठ साल की सजा सुनाई है। उस पर छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
एडीजीसी अनुज ढाका के अनुसार झुंडपुर गांव के करणपाल ने दोघट थाने में 27 जुलाई 2014 को हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने कहा था कि उसका चाचा महावीर, अपने भाई रामदयाल व भाभी कुसुम के साथ ट्यूबवेल के मिस्त्री को लेने तमेलागढ़ी गांव गए थे। तमेलागढ़ी गांव में देवेंद्र, रोबिन, अंकित व अंकुर ने रंजिशन उनको घेर लिया। देवेंद्र ने महावीर के पेट में तमंचे से गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और रामदयाल व कुसुम पर भी फायर झोंकते हुए भाग गया। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर देवेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इसमें केवल देवेंद्र के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अवध बिहारी सिंह के न्यायालय में चल रही थी। एडीजीसी अनुज ढाका के अनुसार इस मामले में सोमवार को अदालत ने देवेंद्र को आठ साल की सजा सुनाई और उस पर छह हजार रुपये भी अर्थदंड लगाया।
विज्ञापन
एडीजीसी अनुज ढाका के अनुसार झुंडपुर गांव के करणपाल ने दोघट थाने में 27 जुलाई 2014 को हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने कहा था कि उसका चाचा महावीर, अपने भाई रामदयाल व भाभी कुसुम के साथ ट्यूबवेल के मिस्त्री को लेने तमेलागढ़ी गांव गए थे। तमेलागढ़ी गांव में देवेंद्र, रोबिन, अंकित व अंकुर ने रंजिशन उनको घेर लिया। देवेंद्र ने महावीर के पेट में तमंचे से गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और रामदयाल व कुसुम पर भी फायर झोंकते हुए भाग गया। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर देवेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इसमें केवल देवेंद्र के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अवध बिहारी सिंह के न्यायालय में चल रही थी। एडीजीसी अनुज ढाका के अनुसार इस मामले में सोमवार को अदालत ने देवेंद्र को आठ साल की सजा सुनाई और उस पर छह हजार रुपये भी अर्थदंड लगाया।
विज्ञापन