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घर के चूल्हे-चौके के साथ संभाल रही ट्रैक्टर का स्टेयरिंग

Tue, 12 Oct 2021 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 11:45 PM IST
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Steering of tractor handling with home stove
बड़ौत के बिजरौल गांव में ट्रैक्टर से खेत जौतती स्वयं सहायता समूह की महिला। - फोटो : BARAUT
बिजरौल और बरवाला गांव की महिलाएं लिख रही आत्मनिर्भरता की इबारत
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आजीविका मिशन के अंतर्गत मिले कृषि यंत्रों को किराये पर देकर कर रही आमदनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। उनमें हौसले की भी कमी नहीं है। यह साबित किया है बिजरौल और बरवाला गांव की महिलाओं ने। जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता के मंत्र को अपनाते हुए ट्रैक्टर का स्टेयरिंग भी संभाल लिया है। अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने के साथ साथ कृषि में भी आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रही है।
आजीविका मिशन से मिली हिम्मत
बिजरौल गांव में लगभग ढाई साल पहले ग्राम संगठन का गठन हुआ था। इसकी कोषाध्यक्ष रेखा आर्य ने बताया कि पहले समूह बनाया था और उसके बाद ग्राम संगठन बनाया। इससे 135 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। बताया कि आजीविका मिशन के अंतर्गत संगठन से जुडे़ आठ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सरकार की ओर से ट्रैक्टर, हेरो, टीलर आदि कृषि यंत्र मिले थे। इन यंत्रों को किराए पर देकर समूह से जुड़ी महिलाएं अपनी आजीविका चला रही हैं। बरवाला गांव की शक्ति महिला ग्राम संगठन का गठन डेढ़ माह पूर्व हुआ था। इसकी सदस्य शबाना को भी ट्रैक्टर मिला है। इस संगठन से आठ समूह जुडे़ हुए है और लगभग 110 महिलाएं सक्रिय सदस्य है।
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खुद भी चल रही ट्रैक्टर, अन्य को कर रही प्रेरित
बिजरौल निवासी रेखा बताती वे खुद भी खेतों में ट्रैक्टर चला रही है। इसके अलावा इन्हें जरूरतमंद किसानों को सस्ते किराए पर उपलब्ध कराते हैं। इससे होने वाली आय को अभी संगठन के खाते में जमा किया जा रहा है। ग्राम संगठन की सदस्या योगिता, सुनीता और सुमन ने बताया कि गांव के किसानों के अलावा आसपास के गांवों के किसानों को यदि जरूरत पड़ती हैं, तो वे यंत्रों को ले जाते हैं। इसके अलावा बरवाला की शबाना ने हाल ही में ट्रैक्टर चलाना सिखा है। वह अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
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महिलाएं हो रहीं सशक्त
बीडीओ राहुल वर्मा और एडीओ आईएसबी योगेंद्र राणा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए यह सरकार की अच्छी पहल है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
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