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रासायनिक खाद के अधिक प्रयोग से हो रही मिट्टी की सेहत खराब

Sat, 17 Oct 2020 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2020 11:24 PM IST
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Soil health is getting worse due to excessive use of chemical fertilizer
बागपत में खेत में तैयार गन्ने की फसल - फोटो : BAGHPAT
- गन्ने की खेती से जुड़े हैं जिले के एक लाख 22 हजार किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। फसल में रासायनिक खाद के उपयोग से जमीन की उर्वरा शक्ति कम हो रही है। हर साल रासायनिक खाद का प्रयोग बढ़ रहा है। जिस कारण मिट्टी में मुख्य और सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी होने लगी है। जिसका असर फसलों की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा है।
इनसेट
गन्ने के खेतों की इस तरह बिगड़ी सेहत
बागपत। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के फसल उत्पादन विशेषज्ञ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि केंद्र पर वर्ष 2020 में अब तक मिट्टी के करीब 210 नमूनों की जांच की गई। रासायनिक खादों के प्रयोग से मिट्टी में मुख्य पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की कुछ एरिया में 40 से 50 फीसदी तक कमी हो गई है। सूक्ष्म पोषक तत्व जिंक, लोहा, सल्फर और कैल्शियम की मात्रा हर साल घट रही है। रासायनिक खादों ने मिट्टी के पोषक तत्वों का संतुलन बिगाड़ दिया है।
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उड़द - मूंग की खेती से बना रहे पहचान
बागपत। तिलवाड़ा गांव के किसान ओमकार ने बताया कि पहले वह गन्ने-गेहूं का फसल चक्र अपना रहे थे। पिछले कुछ साल से उड़द और मूंग की खेती कर रहे हैं। मिट्टी की सेहत में काफी सुधार है।
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सहफसली खेतों को दिया गया बढ़ावा
बागपत। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह और कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि गन्ने के साथ किसानों को आलू, गेहूं, मटर, चना, हल्दी, लहसुन और प्याज की खेती के लिए प्रेरित किया जाता है।
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