{"_id":"5c93806aaaec7bedfdf63511154d9351","slug":"so-honorarium-not-survive-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इतने मानदेय में गुजारा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इतने मानदेय में गुजारा नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, खेकड़ा
Updated Wed, 09 Sep 2015 12:55 AM IST
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास समिति की सदस्य हेमलता चौधरी के समक्ष आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी समस्याओं को रखा। उन्होंने सरकारी स्कूलों के समान आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सर्दी व गर्मी के अवकाश और मानदेय को बढ़वाने की मांग की।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति आशा किशोर के नेतृत्व में सदस्य बागपत की विधायक हेमलता चौधरी व सिकंदराबाद की विधायक विमला सोलंकी प्रदेश भर में दौरा कर रही हैं।
समिति की सदस्या एवं क्षेत्रीय विधायक हेमलता चौधरी ने मंगलवार को आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं को सुना। कर्मियों ने कहा कि सरकारी स्कूलों के समान वह भी शिक्षक की भांति छोटी आयु वर्ग के बच्चों को संभालती हैं। उनको खेल खिलौनों के माध्यम से शिक्षा देती है।
विज्ञापन
पुष्टाहार का वितरण करती है। ऐसे में उनका कार्य भी शिक्षक के समान ही है। ऐसे में उनसे मामूली मानदेय पर कार्य क्यों कराया जा रहा है। उनका मानदेय बढ़ाया जाए। साथ ही स्कूलों के अनुसार ग्रीष्म व सर्दी के दिनों में अवकाश भी दिया जाए। उनको राजकीय कर्मचारी माना जाए और शिक्षकों के समान सभी सुविधाएं दी जाए। विधायक ने उनकी सभी मांगों को समिति के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति आशा किशोर के नेतृत्व में सदस्य बागपत की विधायक हेमलता चौधरी व सिकंदराबाद की विधायक विमला सोलंकी प्रदेश भर में दौरा कर रही हैं।
विज्ञापन
समिति की सदस्या एवं क्षेत्रीय विधायक हेमलता चौधरी ने मंगलवार को आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं को सुना। कर्मियों ने कहा कि सरकारी स्कूलों के समान वह भी शिक्षक की भांति छोटी आयु वर्ग के बच्चों को संभालती हैं। उनको खेल खिलौनों के माध्यम से शिक्षा देती है।
विज्ञापन
पुष्टाहार का वितरण करती है। ऐसे में उनका कार्य भी शिक्षक के समान ही है। ऐसे में उनसे मामूली मानदेय पर कार्य क्यों कराया जा रहा है। उनका मानदेय बढ़ाया जाए। साथ ही स्कूलों के अनुसार ग्रीष्म व सर्दी के दिनों में अवकाश भी दिया जाए। उनको राजकीय कर्मचारी माना जाए और शिक्षकों के समान सभी सुविधाएं दी जाए। विधायक ने उनकी सभी मांगों को समिति के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।