Baghpat: निजी अस्पताल में प्रसव कराना पड़ा भारी, छह आशा कार्यकत्रियों की सेवा समाप्त
बागपत में डीएम अस्मिता लाल ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक में बड़ा कदम उठाते हुए छह आशा कार्यकत्रियों की सेवा समाप्त कर दी। नसबंदी में लापरवाही बरतने पर सर्जन को विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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डीएम ने परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा में बताया कि 45 के लक्ष्य के सापेक्ष 20 की प्रगति हुई। महिला नसबंदी में 395 के लक्ष्य के सापेक्ष 396 की उपलब्धि दर्ज की गई। नसबंदी के कार्य में रूचि नहीं लेने पर सर्जन डॉ. जितेंद्र यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाया जाए ताकि बुजुर्गों को योजना का लाभ मिल सकें।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिलाई जाए। बैठक में सीएमओ डॉ. तीरथलाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
संचारी रोग नियंत्रण में धीमी प्रगति वाले विभागों को चेतावनी दी
कलक्ट्रेट सभागार में संचारी रोग नियंत्रण अभियान को लेकर बैठक हुई। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू हो गया है और ऐसे में संचारी रोगों के फैलने का खतरा बना रहता है। सभी विभागीय अधिकारी अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों को जागरूक करें ताकि बीमारी को फैलने से बचाया जा सकें।
उन्होंने पंचायती राज विभाग सहित कई विभागों के कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने, जल जनित रोगों की जानकारी देने के निर्देश दिए। गलियों में सफाई, फॉगिंग, नालियों की सफाई, एंटी लार्वा छिड़काव आदि पर ध्यान देने के लिए कहा।