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Baghpat News: चाऊमीन की दुकान करने वाले शिवम ने बजाया कामयाबी का डंका
Sat, 26 Apr 2025 01:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 26 Apr 2025 01:44 AM IST
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बड़ौत में इंटरमीडिएट का जनपद टॉपर शिवम अपने माता-पिता के साथ। संवाद
बड़ौत। शहर की पट्टी चौधरान में बिना सीमेंट की दीवारें का मकान और उसका टूटा हुआ मुख्य दरवाजा। जब शुक्रवार दोपहर को मकान पर पहुंचे तो लगा कि यह इंटरमीडिएट टॉपर शिवम का मकान नहीं होगा। शायद गलती से इस मकान पर आ गए। फिर भी वहां खड़ी एक महिला से पूछ लिया कि क्या यह शिवम का मकान है।
महिला ने कहा कि हां यह शिवम का मकान है और मैं शिवम की मां ललिता हूं। बताया कि शिवम अपने पिता अनिल के साथ ठाकुरद्वारा में चाऊमीन के ठेले पर है। ठाकुरद्वारा की तरफ गए तो वहां एक ठेला दिखाई दिया, जिसपर काफी बड़े अक्षरों से शिवम चाऊमीन और चार्ट कॉर्नर लिखा हुआ था।
वहां देखा कि एक लड़का चाऊमीन बना रहा था। उसका ध्यान पूरी तरह से चाऊमीन पर था। वहां पूछा कि क्या तुम ही शिवम हो? तुरंत जवाब मिला कि हां मैं ही शिवम हूं। उसको बताया कि तुम्हारा परीक्षा परिणाम आ गया है, तुम जिले में टॉपर हो। उसने सरल स्वभाव में कहा कि हां, 91.60 प्रतिशत नंबर आए हैं।
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तब तक चाऊमीन बन चुकी थी और वह ग्राहक के लिए उसे प्लेट में डालने लगा। इन नंबरों की खुशी उसके चेहरे पर थी, लेकिन उससे ज्यादा चिंता थी वहां खड़े ग्राहकों की। कहीं एक भी ग्राहक खाली न चला जाए। तभी वह पास में खड़े व्यक्ति की तरफ इशारा करते हुए बोला कि ये मेरे पापा हैं।
उनसे बेटे की कामयाबी पर बात की तो पिता अनिल काफी खुश थे। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई करने जाता था और घर आकर ठेली पर गोलगप्पे बेचता है तो चाऊमीन भी बनाता है। पहले लोग चाऊमीन वाला शिवम भी कहते थे और अब शिवम टॉपर कह रहे हैं। बस यही सुनकर अंदर तक खुशी होती है। पिता अनिल कहते हैं कि शिवम की पढ़ाई में कभी कोई अड़चन नहीं आने दूंगा।
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महिला ने कहा कि हां यह शिवम का मकान है और मैं शिवम की मां ललिता हूं। बताया कि शिवम अपने पिता अनिल के साथ ठाकुरद्वारा में चाऊमीन के ठेले पर है। ठाकुरद्वारा की तरफ गए तो वहां एक ठेला दिखाई दिया, जिसपर काफी बड़े अक्षरों से शिवम चाऊमीन और चार्ट कॉर्नर लिखा हुआ था।
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वहां देखा कि एक लड़का चाऊमीन बना रहा था। उसका ध्यान पूरी तरह से चाऊमीन पर था। वहां पूछा कि क्या तुम ही शिवम हो? तुरंत जवाब मिला कि हां मैं ही शिवम हूं। उसको बताया कि तुम्हारा परीक्षा परिणाम आ गया है, तुम जिले में टॉपर हो। उसने सरल स्वभाव में कहा कि हां, 91.60 प्रतिशत नंबर आए हैं।
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तब तक चाऊमीन बन चुकी थी और वह ग्राहक के लिए उसे प्लेट में डालने लगा। इन नंबरों की खुशी उसके चेहरे पर थी, लेकिन उससे ज्यादा चिंता थी वहां खड़े ग्राहकों की। कहीं एक भी ग्राहक खाली न चला जाए। तभी वह पास में खड़े व्यक्ति की तरफ इशारा करते हुए बोला कि ये मेरे पापा हैं।
उनसे बेटे की कामयाबी पर बात की तो पिता अनिल काफी खुश थे। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई करने जाता था और घर आकर ठेली पर गोलगप्पे बेचता है तो चाऊमीन भी बनाता है। पहले लोग चाऊमीन वाला शिवम भी कहते थे और अब शिवम टॉपर कह रहे हैं। बस यही सुनकर अंदर तक खुशी होती है। पिता अनिल कहते हैं कि शिवम की पढ़ाई में कभी कोई अड़चन नहीं आने दूंगा।