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मुआवजे के लिए सात घंटे धरना

Thu, 27 Jul 2017 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिलाना
ब्यूरो/अमर उजाला, पिलाना Updated Thu, 27 Jul 2017 12:32 AM IST
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Seven hours strike for compensation
सिंघावली अहीर बिजलीघर पर धरना देतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विद्युत निगम के लाइनमैन की मौत के बाद हबीबपुर नंगला गांव के लोगों के बीच नाराजगी है। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को सात घंटे तक सिंघावली अहीर बिजलीघर पर प्रदर्शन कर धरना किया। डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि मृतक के परिजनों को पांच लाख के मुआवजे की संस्तुति की जाएगी। तब ग्रामीणों ने धरना खत्म किया। 
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हबीबपुर नंगला गांव का भूपेंद्र (35) सिंघावली अहीर बिजलीघर पर बतौर संविदा लाइनमैन कार्यरत था। 21 जुलाई को सिंघावली अहीर गांव के पेट्रोल पंप के निकट लाइन ठीक करते वक्त वह झुलस गया था।
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मंगलवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। बुधवार सुबह करीब साढे़ नौ बजे लाइनमैन के परिवारजन और अन्य ग्रामीण सिंघावली अहीर बिजलीघर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए।
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बालैनी और सिंघावली अहीर थाने की पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानें। डीएम भवानी सिंह खंगारौत तक मामला पहुंचा। उन्होंने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को कलक्ट्रेट बुलाकर बातचीत की। 

डीएम ने लिखित में आश्वासन दिया कि वह पांच लाख रुपये की सहायता की संस्तुति करेंगे। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और धरना खत्म किया। ग्रामीणों का कहना था कि निगम की लापरवाही से हादसा हुआ है।

सुरेश कुमार, कमालू, राकेश, रामदास, मुकेश कुमार, सुभाष कुमार, सतीश सिंह, जोधा, रामफल सिंह मौजूद रहे। उधर, पोस्टमार्टम के बाद मृतक का  गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

बीमा नहीं कराने वाले ठेकेदार पर करें कार्रवाईं
सपा नेता डॉ कुलदीप उज्ज्वल का कहना है कि संविदा की शर्तें हैं कि ठेकेदार अपने संविदा लाइनमैनों का बीमा कराएगा, लेकिन अधिकतर लाइनमैन का बीमा नहीं हुआ है। भूपेंद्र के मामले में भी ऐसा ही हुआ।


पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर कहा कि प्रकरण की जांच होनी चाहिए। मृतक की पत्नी को पेंशन मिले और बीमे की राशि भी ठेकेदार से वसूली जानी चाहिए। ऐसे ठेकेदारों के टेंडर निरस्त होने चाहिए।
 
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