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जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य बनाना जरूरी: नरेश मुनि
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जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य बनाना जरूरी: नरेश मुनि
फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। कस्बे के जैन स्थानक में रविवार को धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें जैन संत नरेश मुनि ने जीवन में लक्ष्य निर्धारण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लक्ष्य विहीन जीवन दिशाहीन जहाज के समान होता है, जो किसी भी तूफान में डगमगा सकता है।
जैन संत नरेश मुनि ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सफलता प्राप्त करना नहीं है। इसके साथ ही आत्मिक शांति और संतुलन प्राप्त करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस व्यापक उद्देश्य की पूर्ति के लिए सबसे पहला कदम लक्ष्य का निर्धारण करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सफलता हमेशा हमारे हाथ में नहीं होती, लेकिन कैसी सोच रखनी है यह पूरी तरह हमारे नियंत्रण में होता है। संत ने बताया कि पंचम काल के इस युग में भी यदि हम अपनी सोच को सकारात्मक रखें तो प्रकृति की सभी शक्तियां हमारे साथ हो जाती हैं। नकारात्मकता से घिरे रहना व्यक्ति की आत्मा की शक्ति को धीरे-धीरे क्षीण करता है। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रधान अमित जैन सहित अंकित जैन, आशीष जैन, संजय जैन, सुनील जैन, विपिन जैन और प्रमोद जैन मौजूद रहे।
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फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। कस्बे के जैन स्थानक में रविवार को धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें जैन संत नरेश मुनि ने जीवन में लक्ष्य निर्धारण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लक्ष्य विहीन जीवन दिशाहीन जहाज के समान होता है, जो किसी भी तूफान में डगमगा सकता है।
जैन संत नरेश मुनि ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सफलता प्राप्त करना नहीं है। इसके साथ ही आत्मिक शांति और संतुलन प्राप्त करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस व्यापक उद्देश्य की पूर्ति के लिए सबसे पहला कदम लक्ष्य का निर्धारण करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सफलता हमेशा हमारे हाथ में नहीं होती, लेकिन कैसी सोच रखनी है यह पूरी तरह हमारे नियंत्रण में होता है। संत ने बताया कि पंचम काल के इस युग में भी यदि हम अपनी सोच को सकारात्मक रखें तो प्रकृति की सभी शक्तियां हमारे साथ हो जाती हैं। नकारात्मकता से घिरे रहना व्यक्ति की आत्मा की शक्ति को धीरे-धीरे क्षीण करता है। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रधान अमित जैन सहित अंकित जैन, आशीष जैन, संजय जैन, सुनील जैन, विपिन जैन और प्रमोद जैन मौजूद रहे।
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