{"_id":"5f0b4fad8ebc3e63b511e22c","slug":"self-help-group-will-get-preference-in-ration-shop-allocation-baraut-news-mrt490800471","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन की दुकान आवंटन में स्वयं सहायता समूह को मिलेगी वरीयता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन की दुकान आवंटन में स्वयं सहायता समूह को मिलेगी वरीयता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत। रिक्त चल रही राशन की दुकानों के आवंटन प्रक्रिया में अब ग्राम्य विकास विभाग के तहत सक्रिय स्वयं सहायता समूह भी शामिल किए जाएंगे। शासन ने राशन की दुकानों के आवंटन में इन समूहों को वरीयता दिए जाने का निर्देश दिया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह निर्देश प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद अनुभाग वीना कुमारी ने सात जुलाई 2020 को डीएम एवं डीएसओ को पत्र भेजकर दिया है। इसमें कहा गया कि ग्राम्य विकास विभाग के तहत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों को उचित दर दुकानों की आवंटन प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। दुकान संचालन के लिए सदस्य का नामांकन समूह द्वारा किया जाएगा। दुकान से होने वाली आय को सभी सदस्यों में वितरित किया जाएगा। आरक्षण की स्थिति में समूह में 50 प्रतिशत से अधिक सदस्य जिस वर्ग के होंगे, उस समूह की गणना उसी वर्ग से की जाएगी। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सूर्यप्रकाश पाठक ने बताया कि तहसील क्षेत्र में इस समय 10 दुकानें रिक्त चल रही है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार रिक्त चल रही राशन की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को वरीयता दी जाएगी।
अधिक सदस्य वाले समूहों को प्राथमिकता
बड़ौत। राशन की दुकान चयन प्रक्रिया में अगर एक से अधिक स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया है, तो जिसके सदस्यों की संख्या अधिक होगी और जिसकी आय अधिक होगी, उसको प्राथमिकता दी जाएगी। इसके संचालन का संपूर्ण दायित्व उपायुक्त एनआरएलएम का होगा। एडीओ आईएसबी जयपाल सिंह ने बताया कि बड़ौत ब्लाक में 920 समूह सक्रिय है।
विज्ञापन
यहां रिक्त हैं राशन की दुकानें
बड़ौत। कासिमपुर खेड़ी, सिनौली, हिलवाड़ी गांव, बड़का गांव आदि में दस दुकानें इस समय रिक्त चल रही है।
विज्ञापन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह निर्देश प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद अनुभाग वीना कुमारी ने सात जुलाई 2020 को डीएम एवं डीएसओ को पत्र भेजकर दिया है। इसमें कहा गया कि ग्राम्य विकास विभाग के तहत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों को उचित दर दुकानों की आवंटन प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। दुकान संचालन के लिए सदस्य का नामांकन समूह द्वारा किया जाएगा। दुकान से होने वाली आय को सभी सदस्यों में वितरित किया जाएगा। आरक्षण की स्थिति में समूह में 50 प्रतिशत से अधिक सदस्य जिस वर्ग के होंगे, उस समूह की गणना उसी वर्ग से की जाएगी। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सूर्यप्रकाश पाठक ने बताया कि तहसील क्षेत्र में इस समय 10 दुकानें रिक्त चल रही है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार रिक्त चल रही राशन की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को वरीयता दी जाएगी।
विज्ञापन
अधिक सदस्य वाले समूहों को प्राथमिकता
बड़ौत। राशन की दुकान चयन प्रक्रिया में अगर एक से अधिक स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया है, तो जिसके सदस्यों की संख्या अधिक होगी और जिसकी आय अधिक होगी, उसको प्राथमिकता दी जाएगी। इसके संचालन का संपूर्ण दायित्व उपायुक्त एनआरएलएम का होगा। एडीओ आईएसबी जयपाल सिंह ने बताया कि बड़ौत ब्लाक में 920 समूह सक्रिय है।
विज्ञापन
यहां रिक्त हैं राशन की दुकानें
बड़ौत। कासिमपुर खेड़ी, सिनौली, हिलवाड़ी गांव, बड़का गांव आदि में दस दुकानें इस समय रिक्त चल रही है।