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पुसार-बरनावा मार्ग पर तेंदुए को देख भागे राहगीर
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पुसार-बरनावा मार्ग पर तेंदुए को देख भागे राहगीर
दोघट। पुसार-बरनावा मार्ग पर मांगरौली गांव के पास तेंदुआ दिखार्ई देने से राहगीरों में दहशत फैल गई। उन्होंने भागकर जान बचाई। तेंदुए के कारण काफी देर तक मार्ग पर आवागमन बंद रहा। वन विभाग को जानकारी दे दी गई है।
शुक्रवार को पुसार-बरनावा मार्ग पर मांगरौली गांव के पास तेंदुआ दिखाई दिया। राहगीरों में दहशत फैल गई। उन्होंने भागकर जान बचाई। काफी देर तक तेंदुआ सड़क पर खड़ा रहा। जिससे आवागमन बंद हो गया। चौगामा क्षेत्र में काफी समय से तेंदुए देखे जा रहे है। बेगमाबाद गढ़ी गांव में तेंदुआ भेड़ों को उठाकर ले गया। इससे पहले मोहम्मदपुर खूंटी, तमेलागढ़ी, झुंडपुर आदि के जंगलों में तेंदुआ बेसहारा गोवंशीय पशुओं को शिकार बना चुका है। कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है।
डीएफओ बागपत राजकुमार त्यागी ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर वनकर्मी बराबर गश्त करेंगे। पेट्रोलिंग वाहन के साथ-साथ कांवड़ियों के साथ पैदल भी गश्त करेंगे। बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग, दाहा-बरनावा मार्ग, बिनौली-चिरचिटा-पुरा आदि मार्गों पर 20 जुलाई से गश्त शुरू हो जाएगी। अपने-अपने क्षेत्रों में रेंजर कैंप करेंगे ताकि किसी भी कांवड़िये को कोई परेशानी नहीं होने पाए। जिस जगह तेंदुए देखे गए हैै, वहां पिंजरे भी लगवाए जाएंगे।
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दोघट। पुसार-बरनावा मार्ग पर मांगरौली गांव के पास तेंदुआ दिखार्ई देने से राहगीरों में दहशत फैल गई। उन्होंने भागकर जान बचाई। तेंदुए के कारण काफी देर तक मार्ग पर आवागमन बंद रहा। वन विभाग को जानकारी दे दी गई है।
शुक्रवार को पुसार-बरनावा मार्ग पर मांगरौली गांव के पास तेंदुआ दिखाई दिया। राहगीरों में दहशत फैल गई। उन्होंने भागकर जान बचाई। काफी देर तक तेंदुआ सड़क पर खड़ा रहा। जिससे आवागमन बंद हो गया। चौगामा क्षेत्र में काफी समय से तेंदुए देखे जा रहे है। बेगमाबाद गढ़ी गांव में तेंदुआ भेड़ों को उठाकर ले गया। इससे पहले मोहम्मदपुर खूंटी, तमेलागढ़ी, झुंडपुर आदि के जंगलों में तेंदुआ बेसहारा गोवंशीय पशुओं को शिकार बना चुका है। कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है।
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डीएफओ बागपत राजकुमार त्यागी ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर वनकर्मी बराबर गश्त करेंगे। पेट्रोलिंग वाहन के साथ-साथ कांवड़ियों के साथ पैदल भी गश्त करेंगे। बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग, दाहा-बरनावा मार्ग, बिनौली-चिरचिटा-पुरा आदि मार्गों पर 20 जुलाई से गश्त शुरू हो जाएगी। अपने-अपने क्षेत्रों में रेंजर कैंप करेंगे ताकि किसी भी कांवड़िये को कोई परेशानी नहीं होने पाए। जिस जगह तेंदुए देखे गए हैै, वहां पिंजरे भी लगवाए जाएंगे।
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