{"_id":"6a1ec849a2e5408687050996","slug":"salvation-is-attained-through-devotion-to-god-anubhuti-mata-baghpat-news-c-28-1-smrt1013-152736-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान की भक्ति से होता है कल्याण : अनुभूति माता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान की भक्ति से होता है कल्याण : अनुभूति माता
विज्ञापन
-बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में हुआ भक्तांबर महामंडल विधान
फोटो नंबर 02केएआर 1
संवाद न्यूज़ एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगलवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की। विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और आचार्य निमंत्रण की क्रियाओं से हुई।
मंडप की शुद्धि के बाद विधान विधिवत रूप से शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। धर्मसभा में अनुभूति माता ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई भगवान की भक्ति ही मनुष्य के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। अनुभूति माता ने यह भी बताया कि भगवान की कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है। भगवान भक्तों के कष्टों को दूर कर उनके जीवन को खुशियों से भर देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भगवान की भक्ति करने पर ही मनुष्य का कल्याण संभव है। इस अवसर पर त्रिलोकचंद जैन, श्यामलाल जैन, अभिषेक जैन, दीपक जैन, राजेंद्र जैन, नितिन जैन और महेश जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
फोटो नंबर 02केएआर 1
संवाद न्यूज़ एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगलवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की। विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और आचार्य निमंत्रण की क्रियाओं से हुई।
मंडप की शुद्धि के बाद विधान विधिवत रूप से शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। धर्मसभा में अनुभूति माता ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई भगवान की भक्ति ही मनुष्य के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। अनुभूति माता ने यह भी बताया कि भगवान की कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है। भगवान भक्तों के कष्टों को दूर कर उनके जीवन को खुशियों से भर देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भगवान की भक्ति करने पर ही मनुष्य का कल्याण संभव है। इस अवसर पर त्रिलोकचंद जैन, श्यामलाल जैन, अभिषेक जैन, दीपक जैन, राजेंद्र जैन, नितिन जैन और महेश जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन