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संतों ने निकाली शोभायात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Thu, 19 Nov 2015 12:53 AM IST
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सनातन धर्म प्रचारिणी महासभा के बैनरतले तीन दिवसीय श्रीराम चर्चा कथा भानुपुरा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ महाराज की शोभायात्रा के साथ पंचमुखी मंदिर में शुरू हुई। स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि गृहस्थ आश्रम सर्वश्रेष्ठ है।
बुधवार को दुर्गा मंदिर रेलवे स्टेशन पर पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ महाराज के पहुंचने पर उनका भक्तों ने भव्य स्वागत किया। यहां से महाराज की बैंडबाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष कृष्णपाल मलिक ने किया।
बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित ने दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. अजय तोमर भी उपस्थित रहे। शोभायात्रा रेलवे रोड, भगवान महावीर मार्ग, संजय मूर्ति, नेहरू मूर्ति, फूंस वाली मस्जिद होते हुए पंचमुखी मंदिर कथा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई।
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कथा का प्रारंभ करते हुए शंकराचार्य ने लंका, किष्किंधा व अयोध्या तीनों राज्यों में भाइयों के व्यवहार पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि गृहस्थ में रहते हुए भी व्यक्ति का जीवन जनकराज की भांति होना चाहिए ब्रह्म सिंह गोयल, विनायाकनंद सोती, राजेंद्र आत्रेय, रामकुमार शर्मा, डॉ. जगमोहन शर्मा, दीपक गौतम, विरेंद्र, मुकेश , घनश्याम, विजयपाल, बिजेंद्र शर्मा, रमेश चंद वशिष्ठ, सुधीर शर्मा, कुंदन आदि रहे।
का सहयोग रहा।
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बुधवार को दुर्गा मंदिर रेलवे स्टेशन पर पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ महाराज के पहुंचने पर उनका भक्तों ने भव्य स्वागत किया। यहां से महाराज की बैंडबाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष कृष्णपाल मलिक ने किया।
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बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित ने दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. अजय तोमर भी उपस्थित रहे। शोभायात्रा रेलवे रोड, भगवान महावीर मार्ग, संजय मूर्ति, नेहरू मूर्ति, फूंस वाली मस्जिद होते हुए पंचमुखी मंदिर कथा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई।
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कथा का प्रारंभ करते हुए शंकराचार्य ने लंका, किष्किंधा व अयोध्या तीनों राज्यों में भाइयों के व्यवहार पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि गृहस्थ में रहते हुए भी व्यक्ति का जीवन जनकराज की भांति होना चाहिए ब्रह्म सिंह गोयल, विनायाकनंद सोती, राजेंद्र आत्रेय, रामकुमार शर्मा, डॉ. जगमोहन शर्मा, दीपक गौतम, विरेंद्र, मुकेश , घनश्याम, विजयपाल, बिजेंद्र शर्मा, रमेश चंद वशिष्ठ, सुधीर शर्मा, कुंदन आदि रहे।
का सहयोग रहा।