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सड़ने लगा आलू, बर्बाद होने लगे किसान

Tue, 23 May 2017 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 23 May 2017 12:45 AM IST
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sadne laga aaloo, barbad ho rahe kisan
बागपत सब्जी मंडी में आलू सड़ने के बाद मायूस बैठा किसान इस्लाम। - फोटो : अमर उजाला
बागपत। बाजार भाव और सरकार के खरीद के नियम के कारण आलू के किसानों को जोर का झटका लगा है। खेत से आलू मंडी और कोल्ड स्टोर तक पहुंचा, लेकिन इसका उठान नहीं हो रहा है। हालात यह है कि मंडी में दो रुपये किलो तक भी आढ़तियों को खरीददार नहीं मिल रहे हैं।
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बागपत में आलू किसानों को नुकसान की बात करें तो अब तक करीब दस टन आलू की फसल समय पर उठान नहीं होने के कारण सड़ चुकी है। इससे किसान परेशान हैं। बागपत के किसान इस्लाम का कहना है कि उन्होंने पहली बार पैंतीस बीघा में आलू की फसल की बुवाई थी, लेकिन अब तक लागत भी वसूल नहीं हो सकी है। आलू के खरीददार नहीं मिल रहे हैं। पिलाना ब्लॉक में आलू की अधिकतर फसल थी।
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यहां के किसान अरुण लाल, देवव्रत त्यागी, बाबू यादव ने कहा आलू की लागत वसूल नहीं हुई, उनके लिए इस बार आलू की फसल घाटे का सौदा साबित हुई। किसान कहते हैं कि इसके लिए सरकार भी जिम्मेदार है। आलू खरीद के लिए सरकार ने साइज और नियम उस वक्त बनाए , जब फसल खेत से खुदाई के लिए तैयार थी, ऐसे में जिन किसानों ने पुराने आलू की बीज से फसल उगाई उन्हें भी झटका लगा।
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क्या है आलू खरीद का नियम

प्रदेश सरकार ने इस बार आलू खरीद के लिए नियम बनाया था कि आलू का साइज 33 से 55 मिमी होना चाहिए। इससे कम साइज का आलू सरकार नहीं खरीदेगी। सरकारी भाव 487 रुपये प्रति कुंतल तय किया। साइज के नियम का असर यह हुआ कि जिले से आलू की खरीद सरकारी स्तर पर नहीं हो सकी।
 
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