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रिया और उज्ज्वल ने चमकाया हिलवाड़ी का नाम
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बड़ौत क्षेत्र के हिलवाड़ी गांव में घर में पढ़ाई करती हाईस्कूल से यूपी टॉपर रिया जैन
- फोटो : BAGHPAT
रिया और उज्ज्वल ने चमकाया हिलवाड़ी का नाम
बड़ौत (बागपत)। हिलवाड़ी के हुनरमंदों की कामयाबी की कहानी परी कथा जैसी है। हर गांव जैसी समस्याओं से रोजाना यहां भी जिंदगी दो चार होती है। सड़कें खराब पड़ी हैं। बिजली कब चली जाए, कोई नहीं जानता। अधिकतर नल खराब पड़े हैं। जो सही हैं, उनके पानी का रंग पीला है। मेहनतकश किसान और मजदूरों के इस गांव की रिया जैन और उज्ज्वल तोमर ने दिखाया कि सिर्फ कड़ी मेहनत के दम पर कामयाबी का शिखर हासिल किया जा सकता है। गांव की आबादी 9000 है। लेकिन दो बच्चों के संकल्प ने गांव की पहचान बदल दी है।
साधारण घर की असाधारण बिटिया रिया
हिलवाड़ी में रिया जैन का घर पुराने दौर की हवेली जैसा है। दादा मंगलसैन आज भी खेती करते हैं और दादी जगवती गृहिणी हैं। मासूम बिटिया की असाधारण कामयाबी के पीछे अनपढ़ दादी का कठोर संकल्प छिपा हुआ है। रिया बताती है कि उसकी पढ़ाई में सबसे ज्यादा साथ दादी जगवती ने दिया। रोज सुबह जगाने से लेकर खाने पीने और अन्य जरूरतों का ध्यान रखने में दादी सबसे आगे रही। रिया के घर में जरूरत का हर सामान है, लेकिन आधुनिक सुविधाएं नहीं हैं। संसाधनों और सुविधाओं का रोना रोने वाले लोगों के लिए रिया की कामयाबी प्रेरणा है।
किसान के बेटे की मेहनत ले आई खुशियां
हिलवाड़ी गांव के ही किसान और संविदा लाइनमैन कृष्णपाल के घर खुशियां चहक रही हैं। आसपास के गांव और रिश्तेदारियों में से लोगों की आवाजाही लगी है। कृष्णपाल बताते हैं कि बेटे ने मेहनत शुरू की तो उन्हें खुशी हुई। बस परिवार ने फैसला किया कि उसका साथ देना है। वह एक साधारण किसान हैं, लेकिन बेटे ने सीमित संसाधनों के बावजूद जो कर दिखाया, उससे वह खुश हैं। बहन आरजू, अवनी और अविका का कहना है कि भैया ने कमाल कर दिया।
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क्या कहते हैं गांव के बुजुर्ग
- निर्भय सिंह का कहना था कि पहले जमाने में लड़का-लड़का में अंतर समझा जाता था। लेकिन अब बेटियां भी लड़कों की बराबरी कर रही हैं। रिया जैन और उज्ज्वल तोमर ने तो हमारे पूरे गांव को प्रदेश भर में प्रसिद्ध कर दिया।
- बुजुर्ग बालकिशन का कहना था कि रिया की वजह से परिवार ही नहीं, हम भी गर्व महसूस कर रहे हैं। हमारे गांव की लड़की ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, यह बड़ी खुशी की बात है। सभी को बेटियां की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
- जयवीर तोमर का कहना था कि आज बेटियां हर क्षेत्र में लड़कों से आगे निकल रही हैं। यह पहला अवसर है कि जब हमारे गांव की बेटी ने प्रदेशभर में शिक्षा के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन किया है।
- प्रधान के पति देवेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें गांव के दोनों बच्चों पर गर्व है। बच्चे कठोर मेहनत करें तो मंजिल हासिल की जा सकती है। शिक्षा से गांव की पहचान भी बदल जाती है।
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बड़ौत (बागपत)। हिलवाड़ी के हुनरमंदों की कामयाबी की कहानी परी कथा जैसी है। हर गांव जैसी समस्याओं से रोजाना यहां भी जिंदगी दो चार होती है। सड़कें खराब पड़ी हैं। बिजली कब चली जाए, कोई नहीं जानता। अधिकतर नल खराब पड़े हैं। जो सही हैं, उनके पानी का रंग पीला है। मेहनतकश किसान और मजदूरों के इस गांव की रिया जैन और उज्ज्वल तोमर ने दिखाया कि सिर्फ कड़ी मेहनत के दम पर कामयाबी का शिखर हासिल किया जा सकता है। गांव की आबादी 9000 है। लेकिन दो बच्चों के संकल्प ने गांव की पहचान बदल दी है।
साधारण घर की असाधारण बिटिया रिया
हिलवाड़ी में रिया जैन का घर पुराने दौर की हवेली जैसा है। दादा मंगलसैन आज भी खेती करते हैं और दादी जगवती गृहिणी हैं। मासूम बिटिया की असाधारण कामयाबी के पीछे अनपढ़ दादी का कठोर संकल्प छिपा हुआ है। रिया बताती है कि उसकी पढ़ाई में सबसे ज्यादा साथ दादी जगवती ने दिया। रोज सुबह जगाने से लेकर खाने पीने और अन्य जरूरतों का ध्यान रखने में दादी सबसे आगे रही। रिया के घर में जरूरत का हर सामान है, लेकिन आधुनिक सुविधाएं नहीं हैं। संसाधनों और सुविधाओं का रोना रोने वाले लोगों के लिए रिया की कामयाबी प्रेरणा है।
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किसान के बेटे की मेहनत ले आई खुशियां
हिलवाड़ी गांव के ही किसान और संविदा लाइनमैन कृष्णपाल के घर खुशियां चहक रही हैं। आसपास के गांव और रिश्तेदारियों में से लोगों की आवाजाही लगी है। कृष्णपाल बताते हैं कि बेटे ने मेहनत शुरू की तो उन्हें खुशी हुई। बस परिवार ने फैसला किया कि उसका साथ देना है। वह एक साधारण किसान हैं, लेकिन बेटे ने सीमित संसाधनों के बावजूद जो कर दिखाया, उससे वह खुश हैं। बहन आरजू, अवनी और अविका का कहना है कि भैया ने कमाल कर दिया।
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क्या कहते हैं गांव के बुजुर्ग
- निर्भय सिंह का कहना था कि पहले जमाने में लड़का-लड़का में अंतर समझा जाता था। लेकिन अब बेटियां भी लड़कों की बराबरी कर रही हैं। रिया जैन और उज्ज्वल तोमर ने तो हमारे पूरे गांव को प्रदेश भर में प्रसिद्ध कर दिया।
- बुजुर्ग बालकिशन का कहना था कि रिया की वजह से परिवार ही नहीं, हम भी गर्व महसूस कर रहे हैं। हमारे गांव की लड़की ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, यह बड़ी खुशी की बात है। सभी को बेटियां की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
- जयवीर तोमर का कहना था कि आज बेटियां हर क्षेत्र में लड़कों से आगे निकल रही हैं। यह पहला अवसर है कि जब हमारे गांव की बेटी ने प्रदेशभर में शिक्षा के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन किया है।
- प्रधान के पति देवेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें गांव के दोनों बच्चों पर गर्व है। बच्चे कठोर मेहनत करें तो मंजिल हासिल की जा सकती है। शिक्षा से गांव की पहचान भी बदल जाती है।