फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Revenge behavior: First infection, now Corona positivs facing the brunt of bad behavior

बदला व्यवहार: पहले संक्रमण, तो अब बुरे बर्ताव का दंश झेल रहे ठीक हुए कोरोना पॉजिटिव  

Fri, 31 Jul 2020 12:01 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 31 Jul 2020 12:01 AM IST
सार

  • लोगों के बदला व्यवहार से आत्मगलानि महसूस कर रहे मरीज
  • बच्चों के साथ खेलने से किया मना, तो परिवार को देखकर बंद कर लेते थे दरवाजा
  • बुरा बर्ताव की बजाएं, संक्रमित व्यक्ति का बढ़ाएं आत्मविश्वास

विज्ञापन
Revenge behavior: First infection, now Corona positivs facing the brunt of bad behavior
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

कोरोना से जंग जीत लेने के बाद भी व्यक्ति का जीवन सामान्य हो जाए, ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है। कोरोना को मात देने के लिए रात-दिन काम कर रहे डॉक्टर्स और अन्य लोगों के साथ भेदभाव की घटनाएं लगातार आ रही हैं। लेकिन अब कोरोना को मात देकर घर लौटे व्यक्ति के साथ भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

विज्ञापन


पहला केस 
बड़ौत के बड़ावद गांव निवासी राहुल चिकारा पुत्र भीम सिंह निवासी बड़ावद का है। जो पिछले माह की 17 जून को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। क्वारंटीन होने के बाद जब राहुल चिकारा ठीक होकर गांव लौटे तो लोगों ने इनके व परिवार के साथ सौतेला व्यहार शुरू कर दिया।
विज्ञापन


राहुल बताते हैं कि कोरोना पॉजिटिव होने से पहले लोग अच्छे ढंग से बातचीत करते थे, पड़ोसियों का भी घर पर आना-जाना था, लेकिन कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लोगों का पूरा व्यवहार ही बदल गया। लोग पूरे परिवार व मुझे हीन भावना से देखने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि परिवार से दूरी बनाने लगे। आज भी लोगों का ऐसा ही व्यवहार है, मानों हमने कोई बडा गुनाह किया हो, कभी-कभी से ऐसा लगता है कि गांव को ही छोड़ दे, लेकिन फिर इस विपरीत स्थिती में परिवार के लोग आत्मविश्वास बढ़ाते है।

दूसरा केस 
बुढ़ेडा गांव के राजेन्द्र पुत्र कैप्टन महाराम सिंह का कहना है कि पहले लोग हंस-हंस कर बातें करते थे, आते-जाते हाल-चाल पूछते थे, लेकिन जैसे ही कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई, लोगों का व्यवहार ही बदल गया।

हालांकि गांव के गणमान्य लोगों व बुजुर्गाें ने लोगों को समझाया तो अब लोगों का बर्ताव कुछ ठीक-ठाक हुआ। राजेन्द्र का कहना है कि उन्होंने कोरोना पर विजय पा ली, लेकिन लोगों के व्यवहार ने उनके मनोबल को तोड़ दिया था। लेकिन अब सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है।

तीसरा केस--
हिलवाडी गांव के सुऐब खान पुत्र यूनूस खान का है। गत माह 17 जून को कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लोगों का हाव-भाव बदल गया था। मेरे परिवार को देखते ही पड़ोसी दरवाजा बंद कर लेते हैं।

मोहल्ले के लोग परेशान करते थे। जबकि पड़ोसी को शुभचिंतक होना चाहिए, लेकिन कई लोगों का व्यवहार खराब है। कुछ लोगों ने तो दूध वाले और सब्जी वाले को घर में समान देने से मना किया और उन लोगों से कहा कि सुऐब के घर समान देने से वायरस पकड़ लेगा। 

क्या कहते है चिकित्सक 
डाॅ. दिनेश बंसल का कहना है कि कोरोना किसी को भी हो सकता है, इसलिए किसी के साथ बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिए। उनका हौसला बढ़ाना चाहिए। लेकिन कई लोग अछूतों जैसा व्यवहार करते है, जोकि गलत है। यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि ऐसी घटनाएं सामने आ रही है।

आम व्यक्ति इससे सुरक्षित रहने के बजाय डर में जीने लगा है। यदि क्वारंटाइन का बोर्ड किसी के घर में लग जाए, तो उसके प्रति पडोसियों का व्यवहार बदल जा रहा है। बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों के साथ दोषियों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। जब एक मरीज ठीक हो गया, तो उसके साथ और उसके परिवार के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार होना चाहिए।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed