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हिस्ट्रीशीटर की मां पर सपा का भरोसा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 01 Jan 2016 01:23 AM IST
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बागपत में समाजवादी पार्टी हाईकमान ने साल के अंत में जोरदार धमाका करते हुए पशुधन विभाग के सलाहकार चौधरी साहब सिंह की पत्नी मिथलेश देवी का टिकट काटकर वांटेड हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेश देवी पर भरोसा जताया है। नामांकन की पूर्व संध्या पर टिकट में हुए इस फेरबदल के धमाके ने हर किसी को चौंका दिया है। सपा के अंतिम क्षणों में अपना प्रत्याशी बदलने से विरोधी खेमों में भी बेचैनी बढ़ गई है।
सपा ने पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों ओमकार यादव और चौधरी साहब सिंह में से साहब सिंह पर भरोसा जताते हुए उनकी पत्नी मिथलेश देवी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए टिकट दिया था। शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। मगर, बृहस्पतिवार की शाम को ही सपा हाईकमान ने टिकट की उम्मीदवारों में फेरबदल करते हुए सभी को चौंका दिया है।
सपा ने वांटेड हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेश देवी को अध्यक्ष पद के लिए टिकट थमा कर अपना भरोसा जताया है। सपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विजपाल तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुरेश देवी के नाम की घोषणा कर दी गई। सुरेश देवी वार्ड नंबर 5 से जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ीं थीं। उसने निकटतम प्रतिद्वंद्वी असारा के मोहकम पहलवान की पत्नी इमराना को 2285 वोटों से शिकस्त दी थी।
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धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेश देवी के जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद से ही किसी उलटफेर की आशंका जताई जा रही थी। मगर, सपा से टिकट मिलने की किसी ने उम्मीद नहीं की थी। हालांकि सपा से धर्मेंद्र किरठल के संबंधों की बात तो काफी समय से हो रही थी, लेकिन 27 दिसंबर को रागिनी कार्यक्रम में चौधरी साहब सिंह, जिलाध्यक्ष एसपी यादव के साथ तड़ीपार किए गए धर्मेंद्र किरठल द्वारा मंच साझा करने पर सपा और धर्मेंद्र किरठल के संबंध सार्वजनिक हो गए थे। यह मामला अब तक पुलिस अफसरों के लिए परेशानी बना हुआ है।
खुद ही छोड़ी उम्मीदवारी
पशुधन विभाग के सलाहकार चौधरी साहब सिंह का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए जमकर खरीद-फरोख्त हो रही है। कोई भी वोट हाथ नहीं आ रही है। एक, दो लोगों से बात हुई तो तीन-तीन करोड़ रुपये मांग रहे हैं। जिला बेचकर तो वह इतने पैसे देंगे नहीं? ऐसे में वह मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए और पार्टी हाईकमान को लिखित रूप में उम्मीदवारी छोड़ने के लिए कह दिया।
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सपा ने पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों ओमकार यादव और चौधरी साहब सिंह में से साहब सिंह पर भरोसा जताते हुए उनकी पत्नी मिथलेश देवी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए टिकट दिया था। शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। मगर, बृहस्पतिवार की शाम को ही सपा हाईकमान ने टिकट की उम्मीदवारों में फेरबदल करते हुए सभी को चौंका दिया है।
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सपा ने वांटेड हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेश देवी को अध्यक्ष पद के लिए टिकट थमा कर अपना भरोसा जताया है। सपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विजपाल तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुरेश देवी के नाम की घोषणा कर दी गई। सुरेश देवी वार्ड नंबर 5 से जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ीं थीं। उसने निकटतम प्रतिद्वंद्वी असारा के मोहकम पहलवान की पत्नी इमराना को 2285 वोटों से शिकस्त दी थी।
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धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेश देवी के जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद से ही किसी उलटफेर की आशंका जताई जा रही थी। मगर, सपा से टिकट मिलने की किसी ने उम्मीद नहीं की थी। हालांकि सपा से धर्मेंद्र किरठल के संबंधों की बात तो काफी समय से हो रही थी, लेकिन 27 दिसंबर को रागिनी कार्यक्रम में चौधरी साहब सिंह, जिलाध्यक्ष एसपी यादव के साथ तड़ीपार किए गए धर्मेंद्र किरठल द्वारा मंच साझा करने पर सपा और धर्मेंद्र किरठल के संबंध सार्वजनिक हो गए थे। यह मामला अब तक पुलिस अफसरों के लिए परेशानी बना हुआ है।
खुद ही छोड़ी उम्मीदवारी
पशुधन विभाग के सलाहकार चौधरी साहब सिंह का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए जमकर खरीद-फरोख्त हो रही है। कोई भी वोट हाथ नहीं आ रही है। एक, दो लोगों से बात हुई तो तीन-तीन करोड़ रुपये मांग रहे हैं। जिला बेचकर तो वह इतने पैसे देंगे नहीं? ऐसे में वह मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए और पार्टी हाईकमान को लिखित रूप में उम्मीदवारी छोड़ने के लिए कह दिया।