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धार्मिक कार्य स्थिर मन से करने चाहिएं : नयन
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फोटो संख्या 1
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के कौशल भवन में चल रहे 16 दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान में 11वें दिन सोमवार को पूजा-अर्चना की गई। जैन संत नयन सागर महाराज ने कहा कि धार्मिक कार्य स्थिर मन से करने चाहिएं।
विधान में शांतिनाथ भगवान की पूजा-अर्चना की गई। जैन संत ने कहा कि मंदिर में जो छत्र हम चढ़ाते हैं, वह हमेशा शुद्ध कपड़ों में चढ़ाना चाहिए। अशुद्ध कपड़ों में नहीं चढ़ाना चाहिए। भक्तांबर की साधना जरूर करनी चाहिए। इसको पढ़ने से दुष्ट कर्मों का विनाश होता है। तेज गति से किए गए धार्मिक काय से पुण्य कम और पाप ज्यादा मिलता है। इसमें अशुद्ध की संभावना ज्यादा होती है। वहीं दिगंबर जैन समाज समिति ने रथ यात्रा महोत्सव के लिए पुनीत जैन को मुख्य संयोजक नियुक्त किया। इस मौके पर प्रवीण जैन, मनोज कुमार जैन, कमल जैन, राकेश जैन, सुनील जैन, राजेश जैन, पवन जैन आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के कौशल भवन में चल रहे 16 दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान में 11वें दिन सोमवार को पूजा-अर्चना की गई। जैन संत नयन सागर महाराज ने कहा कि धार्मिक कार्य स्थिर मन से करने चाहिएं।
विधान में शांतिनाथ भगवान की पूजा-अर्चना की गई। जैन संत ने कहा कि मंदिर में जो छत्र हम चढ़ाते हैं, वह हमेशा शुद्ध कपड़ों में चढ़ाना चाहिए। अशुद्ध कपड़ों में नहीं चढ़ाना चाहिए। भक्तांबर की साधना जरूर करनी चाहिए। इसको पढ़ने से दुष्ट कर्मों का विनाश होता है। तेज गति से किए गए धार्मिक काय से पुण्य कम और पाप ज्यादा मिलता है। इसमें अशुद्ध की संभावना ज्यादा होती है। वहीं दिगंबर जैन समाज समिति ने रथ यात्रा महोत्सव के लिए पुनीत जैन को मुख्य संयोजक नियुक्त किया। इस मौके पर प्रवीण जैन, मनोज कुमार जैन, कमल जैन, राकेश जैन, सुनील जैन, राजेश जैन, पवन जैन आदि उपस्थित रहे।
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