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खंड विकास अधिकारी सहित पांच के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति
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बौढ़ा गांव में मनरेगा कार्यों के मिली अनियमितता पर लोकपाल ने की संस्तुति
नोटिस जारी करने के बाद भी नहीं प्रस्तुत किए गए अभिलेख
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मनरेगा योजना के अंतर्गत बौढ़ा गांव में सत्यापन के दौरान कई अनियमितताएं मिली। खंड विकास अधिकारी व अन्य को नोटिस जारी करने के बाद भी पूरे अभिलेख प्रस्तुत नहीं कराए गए। इस पर लोकपाल ने खंड विकास अधिकारी के अलावा ग्राम सचिव, पूर्व ग्राम प्रधान, तकनीकी सलाहकार व लेखाकार के खिलाफ एफआईआर और सरकारी धन की रिकवरी कराने की संस्तुति की है।
लोकपाल अंशु त्यागी ने बताया कि बौढ़ा गांव के वेदप्रकाश ने गांव में मनरेगा योजना के अंतर्गत अनियमितताएं बरतने व सरकारी धन का दुरुपयोग करने की शिकायत की थी। उनकी शिकायत के आधार पर आठ अक्तूबर 2020 को गांव में योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों का सत्यापन किया गया। तालाब की सफाई, नाली की सफाई कराना दर्शाया गया था। सत्यापन के दौरान कार्यों में अनियमितता मिली। जिस पर खंड विकास अधिकारी, ग्राम सचिव, पूर्व प्रधान, तकनीकी सलाहकार व लेखाकार को गांव में कराए गए कार्यों के अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कई निर्देशों के बावजूद पूरे अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। इस पर बृहस्पतिवार को उन्होंने पांचों के खिलाफ सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर एफआईआर दर्ज कराने व सरकारी धन की रिकवरी की संस्तुति की है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी और शासन को भेज दी है।
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नोटिस जारी करने के बाद भी नहीं प्रस्तुत किए गए अभिलेख
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मनरेगा योजना के अंतर्गत बौढ़ा गांव में सत्यापन के दौरान कई अनियमितताएं मिली। खंड विकास अधिकारी व अन्य को नोटिस जारी करने के बाद भी पूरे अभिलेख प्रस्तुत नहीं कराए गए। इस पर लोकपाल ने खंड विकास अधिकारी के अलावा ग्राम सचिव, पूर्व ग्राम प्रधान, तकनीकी सलाहकार व लेखाकार के खिलाफ एफआईआर और सरकारी धन की रिकवरी कराने की संस्तुति की है।
लोकपाल अंशु त्यागी ने बताया कि बौढ़ा गांव के वेदप्रकाश ने गांव में मनरेगा योजना के अंतर्गत अनियमितताएं बरतने व सरकारी धन का दुरुपयोग करने की शिकायत की थी। उनकी शिकायत के आधार पर आठ अक्तूबर 2020 को गांव में योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों का सत्यापन किया गया। तालाब की सफाई, नाली की सफाई कराना दर्शाया गया था। सत्यापन के दौरान कार्यों में अनियमितता मिली। जिस पर खंड विकास अधिकारी, ग्राम सचिव, पूर्व प्रधान, तकनीकी सलाहकार व लेखाकार को गांव में कराए गए कार्यों के अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कई निर्देशों के बावजूद पूरे अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। इस पर बृहस्पतिवार को उन्होंने पांचों के खिलाफ सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर एफआईआर दर्ज कराने व सरकारी धन की रिकवरी की संस्तुति की है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी और शासन को भेज दी है।
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