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रामफल ने कहा कि बेटे को नहीं छोड़ा गया तो आत्महत्या कर लूंगा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 17 Oct 2016 02:08 AM IST
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बीमार पड़े पंकज के पिता।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। पुलिस की मानें तो गांगनौली कांड में अभी कुछ खास हाथ नहीं लगा है। कोई गहरा राज खुलने की इंतजार में पुलिस ने पांच हत्याओं के वादी और सविता के पुत्र पंकज को ही हिरासत में रखा हुआ है।
पुलिस अफसरों का कहना है कि पंकज की सुरक्षा की जा रही है।
इसको लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे़ हो रहे हैं। यदि पुलिस उससे पूछताछ करना ही चाहती है तो क्या पांच दिन तक पूछताछ पूरी नहीं हुई। इतना तो तय है कि सुरक्षा के नाम पर पुलिस ने पंकज को हिरासत में ले रखा है। अपने बेटे को पुलिस से मुक्त कराने के लिए रामफल आत्म हत्या तक की धमकी देने के लिए मजबूर हो गया है।
गांगनौली गांव का पंकज अपनी मां सविता के साथ भाई परीक्षित की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। लड़ाई पूरी होने से पहले ही सविता को अपनी बेटी प्रीति, पिता मांगेराम और दो पुलिसवालों के साथ जान गवानी पड़ी। प्रमोद गैंग पर ही उनकी हत्या का आरोप लगा है। पंकज ने ही दोघट थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों को तो गिरफ्तार नहीं किया। पिछले पांच दिन से पंकज को अपने साथ लिए घूम रही है।
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पुलिस का एक ही जवाब होता है कि पंकज से जानकारी की जा रही है। आखिर पुलिस को उससे क्या जानकारी चाहिए। जो पांच दिन में पूरी नहीं हुई। पंकज के पिता रामफल को पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा नहीं है। उसने यहां तक कहा कि पुलिस उसके बेटे को ही केस में फंसाने की साजिश रच रही है। उसके बाद भी पुलिस उसे नहीं छोड़ रही है। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय का कहना है कि पुलिस पंकज की सुरक्षा कर रही है। इस केस के खुलासे के लिए पंकज से जानकारी की जा रही है।
उधर, गांगनौली गांव के खूनी कांड में पुलिस पंकज से पूछताछ कर रही है। उसके पिता रामफल ने कहा कि पुलिस उसके बेटे को ही केस में झूठा फंसाना चाहती है। उसने चेतावनी दी कि पुलिस अफसरों ने पंकज को जल्द नहीं छोड़ा तो वह आत्महत्या कर लेगा।
गांगनौली गांव निवासी चौधरी रामफल सिंह का कहना है कि सोमवार को उनके घर में पांच लाशे बिछाई गई। उसकी पत्नी सविता, बेटी प्रीति, ससुर मांगेराम के अलावा दो पुलिस कर्मी की हत्या हुई। उनके बेटे पंकज ने दोघट थाने पर प्रमोद गांगनौली के भाई प्रवीण, अंकुर पुत्र राजवीर, अंकुर पुत्र मनोज और सिरसली के सतेंद्र के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया। उल्टा उनके बेटे पंकज को वारदात के अगले दिन से ही पुलिस ने पकड़ रखा है। उसने अल्टीमेटम दिया कि पुलिस ने पंकज को नहीं छोड़ा तो वह आत्महत्या कर लेगा। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय का कहना है कि पंकज से केस के संबंध में जानकारी की जा रही है।
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पुलिस अफसरों का कहना है कि पंकज की सुरक्षा की जा रही है।
इसको लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे़ हो रहे हैं। यदि पुलिस उससे पूछताछ करना ही चाहती है तो क्या पांच दिन तक पूछताछ पूरी नहीं हुई। इतना तो तय है कि सुरक्षा के नाम पर पुलिस ने पंकज को हिरासत में ले रखा है। अपने बेटे को पुलिस से मुक्त कराने के लिए रामफल आत्म हत्या तक की धमकी देने के लिए मजबूर हो गया है।
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गांगनौली गांव का पंकज अपनी मां सविता के साथ भाई परीक्षित की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। लड़ाई पूरी होने से पहले ही सविता को अपनी बेटी प्रीति, पिता मांगेराम और दो पुलिसवालों के साथ जान गवानी पड़ी। प्रमोद गैंग पर ही उनकी हत्या का आरोप लगा है। पंकज ने ही दोघट थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों को तो गिरफ्तार नहीं किया। पिछले पांच दिन से पंकज को अपने साथ लिए घूम रही है।
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पुलिस का एक ही जवाब होता है कि पंकज से जानकारी की जा रही है। आखिर पुलिस को उससे क्या जानकारी चाहिए। जो पांच दिन में पूरी नहीं हुई। पंकज के पिता रामफल को पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा नहीं है। उसने यहां तक कहा कि पुलिस उसके बेटे को ही केस में फंसाने की साजिश रच रही है। उसके बाद भी पुलिस उसे नहीं छोड़ रही है। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय का कहना है कि पुलिस पंकज की सुरक्षा कर रही है। इस केस के खुलासे के लिए पंकज से जानकारी की जा रही है।
उधर, गांगनौली गांव के खूनी कांड में पुलिस पंकज से पूछताछ कर रही है। उसके पिता रामफल ने कहा कि पुलिस उसके बेटे को ही केस में झूठा फंसाना चाहती है। उसने चेतावनी दी कि पुलिस अफसरों ने पंकज को जल्द नहीं छोड़ा तो वह आत्महत्या कर लेगा।
गांगनौली गांव निवासी चौधरी रामफल सिंह का कहना है कि सोमवार को उनके घर में पांच लाशे बिछाई गई। उसकी पत्नी सविता, बेटी प्रीति, ससुर मांगेराम के अलावा दो पुलिस कर्मी की हत्या हुई। उनके बेटे पंकज ने दोघट थाने पर प्रमोद गांगनौली के भाई प्रवीण, अंकुर पुत्र राजवीर, अंकुर पुत्र मनोज और सिरसली के सतेंद्र के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया। उल्टा उनके बेटे पंकज को वारदात के अगले दिन से ही पुलिस ने पकड़ रखा है। उसने अल्टीमेटम दिया कि पुलिस ने पंकज को नहीं छोड़ा तो वह आत्महत्या कर लेगा। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय का कहना है कि पंकज से केस के संबंध में जानकारी की जा रही है।