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Baghpat News: यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, झोपड़ियां व फसलें डूबीं
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फोटो ऑफ द डे:- यमुना के बढ़ते जलस्तर में डूब गई किसानों की मेहनत:- बागपत के निवाड़ा गांव में जल
बागपत। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। इससे कई गांवों में फसलें और झोपड़ियां तक बह गई हैं। इस कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इससे किसानों के सामने चारे का भी संकट पैदा हो गया है। इस समय यमुना का जलस्तर 211 मीटर पर चल रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी यमुना की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हथिनीकुंड बैराज से शुक्रवार को यमुना में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो बागपत में पहुंच गया है। पानी के आते ही यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया। इस समय जलस्तर 211 मीटर पर चल रहा है।
शनिवार को 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो रविवार की शाम तक पहुंचेगा। यमुना में पानी आते ही जिले के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसका बड़ा कारण माना जा रहा है कि हरियाणा की तरफ ठोकरें लगाई जाने से यमुना की धार बागपत की तरफ मुड़ गई और यमुना के आसपास के खेतों में खड़ी ज्वार, लौकी व गेंदे के फूल समेत अन्य फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा जिले में 400 बीघा भूमि कटान होने के कारण यमुना में चली गई। निवाड़ा, नैथला, बागपत, सिसाना, शबगा व सुभानपुर समेत कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसल डूबी है। इस समय बाढ़ का खतरा बना हुआ है और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि यमुना के जलस्तर पर नजर रखे जा सके।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार का कहना है कि यमुना नदी में 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे थोड़ा खतरा बढ़ा है। टीम को अलर्ट कर दिया है और निकटवर्ती गांवों में नजर रखी जा रही है।
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शनिवार को 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो रविवार की शाम तक पहुंचेगा। यमुना में पानी आते ही जिले के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसका बड़ा कारण माना जा रहा है कि हरियाणा की तरफ ठोकरें लगाई जाने से यमुना की धार बागपत की तरफ मुड़ गई और यमुना के आसपास के खेतों में खड़ी ज्वार, लौकी व गेंदे के फूल समेत अन्य फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा जिले में 400 बीघा भूमि कटान होने के कारण यमुना में चली गई। निवाड़ा, नैथला, बागपत, सिसाना, शबगा व सुभानपुर समेत कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसल डूबी है। इस समय बाढ़ का खतरा बना हुआ है और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि यमुना के जलस्तर पर नजर रखे जा सके।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार का कहना है कि यमुना नदी में 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे थोड़ा खतरा बढ़ा है। टीम को अलर्ट कर दिया है और निकटवर्ती गांवों में नजर रखी जा रही है।
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