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कश्मीर के हालात पर विरोध रैली निकाली
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:58 AM IST
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कश्मीर में सेना के साथ हुए अपमानजनक व्यवाहर एवं उत्पीडन के विरोध में राष्ट्रीय आर्य क्षत्रिय सभा ने विरोध स्वरूप रैली निकाली। रैली में वक्ताओं ने कहा कि कश्मीर की बर्बादी का कारण 370 है। सरकार को इस ओर कठोर कदम उठाने चाहिए।
कपिल आर्य, उपेंद्र आर्य और सहदेव आर्य ने कहा 26 अक्टूबर 1947 को महाराज हरि सिंह एवं पंडित जवाहरलाल नेहरू के हस्ताक्षर से कश्मीर का भारत में विलय हुआ था जो किसी मजहब की संपत्ति नहीं है बल्कि स्वतंत्र भारत का हिस्सा है।
कश्मीर की बर्बादी का कारण धारा 370 है। इसमें अलगाववादी मानसिकता वाले मजहबी लोगों को विशेषाधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस धारा को समाप्त कर पूर्व सैनिकों को कश्मीर में बसाया जाना आवश्यक है। वहां के नेता पत्थरबाजों पर उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं, लेकिन भाजपा-पीडीपी की सरकार कुर्सी के चक्कर में कोई कठोर कदम नहीं उठा रही है।
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अध्यक्ष सुधीर आर्य ने केंद्र सरकार से सैनिकों का अपमान करने वालों को जेल भेजने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कुलभूषण जाघव को भी शीघ्र मुक्त कराने की मांग उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकाली। ओपी शास्त्री, किरेंद्र आर्य, कपिल, राकेश आर्य, सत्यवीर, सोदान, संजीव, मोहित, श्याम सिंह मौजूद रहे।
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कपिल आर्य, उपेंद्र आर्य और सहदेव आर्य ने कहा 26 अक्टूबर 1947 को महाराज हरि सिंह एवं पंडित जवाहरलाल नेहरू के हस्ताक्षर से कश्मीर का भारत में विलय हुआ था जो किसी मजहब की संपत्ति नहीं है बल्कि स्वतंत्र भारत का हिस्सा है।
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कश्मीर की बर्बादी का कारण धारा 370 है। इसमें अलगाववादी मानसिकता वाले मजहबी लोगों को विशेषाधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस धारा को समाप्त कर पूर्व सैनिकों को कश्मीर में बसाया जाना आवश्यक है। वहां के नेता पत्थरबाजों पर उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं, लेकिन भाजपा-पीडीपी की सरकार कुर्सी के चक्कर में कोई कठोर कदम नहीं उठा रही है।
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अध्यक्ष सुधीर आर्य ने केंद्र सरकार से सैनिकों का अपमान करने वालों को जेल भेजने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कुलभूषण जाघव को भी शीघ्र मुक्त कराने की मांग उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकाली। ओपी शास्त्री, किरेंद्र आर्य, कपिल, राकेश आर्य, सत्यवीर, सोदान, संजीव, मोहित, श्याम सिंह मौजूद रहे।