{"_id":"9a929efcac0f1ba1f9131b5d8e16c8f2","slug":"protection-of-the-accused-khadi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस पर हमले के आरोपियों को खादी का संरक्षण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस पर हमले के आरोपियों को खादी का संरक्षण
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत की माता कालोनी में सट्टेबाजी की सूचना पर छापेमारी को गई पुलिस टीम पर हमले के फरार आरोपियों को खादी का संरक्षण मिला हुआ था। बृहस्पतिवार को सभी आरोपी एक भाजपा नेता के साथ कोतवाली पहुंचे तो सभी दंग रह गए। पुलिस ने तुरंत सभी को हिरासत में ले लिया। खास बात यह है कि मुख्य आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने सट्टेबाजी का धंधा चलाने के लिए एक कांस्टेबल को 30 हजार रुपये दिए थे।
कोतवाली पुलिस को 11 जनवरी की रात शहर की माता कालोनी में अमित के घर पर सट्टेबाजी की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने छापामारी की तो लोगों ने उन पर पथराव कर दिया था। इसमें दारोगा सुभाष चंद और कांस्टेबल अनीश खां गंभीर रुप से घायल हो गए थे। उनका अभी भी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने आरोपी अमित, उसके भाई दीपक, मनोज, बहन मुनेश उर्फ उमेश, बहनोई नरेश, भांजे रवि को नामजद करते हुए 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।
पुलिस ने बुधवार को प्रकाश में आए दो आरोपी सोनू और किरणपाल को जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को भाजपा के एक नेता सभी आरोपियों को अपने साथ लेकर कोतवाली पहुंचा तो सभी दंग रह गए। पुलिस ने तुरंत आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी अमित ने बताया कि वह सट्टे का काम करता है। इसके एवज में वह पुलिस को भी रुपये भी देता है। एक कांस्टेबल का नाम लेते हुए उसने कहा कि चार फरवरी को उसे 30 हजार रुपये दिए थे।
विज्ञापन
इससे पहले भी उसे कई बार रुपये दे चुका है। उसने कहा कि पुलिस टीम पर हमले के बाद वह यमुना-खादर में भाग गया था। वहां पर ही उसने रात गुजारी। वह छपरौली क्षेत्र के भाजपा नेता के घर पर भी दो दिन रहा है। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि नामजद आरोपी पकड़े गए है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही उनके साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
कोतवाली पुलिस को 11 जनवरी की रात शहर की माता कालोनी में अमित के घर पर सट्टेबाजी की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने छापामारी की तो लोगों ने उन पर पथराव कर दिया था। इसमें दारोगा सुभाष चंद और कांस्टेबल अनीश खां गंभीर रुप से घायल हो गए थे। उनका अभी भी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने आरोपी अमित, उसके भाई दीपक, मनोज, बहन मुनेश उर्फ उमेश, बहनोई नरेश, भांजे रवि को नामजद करते हुए 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।
विज्ञापन
पुलिस ने बुधवार को प्रकाश में आए दो आरोपी सोनू और किरणपाल को जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को भाजपा के एक नेता सभी आरोपियों को अपने साथ लेकर कोतवाली पहुंचा तो सभी दंग रह गए। पुलिस ने तुरंत आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी अमित ने बताया कि वह सट्टे का काम करता है। इसके एवज में वह पुलिस को भी रुपये भी देता है। एक कांस्टेबल का नाम लेते हुए उसने कहा कि चार फरवरी को उसे 30 हजार रुपये दिए थे।
विज्ञापन
इससे पहले भी उसे कई बार रुपये दे चुका है। उसने कहा कि पुलिस टीम पर हमले के बाद वह यमुना-खादर में भाग गया था। वहां पर ही उसने रात गुजारी। वह छपरौली क्षेत्र के भाजपा नेता के घर पर भी दो दिन रहा है। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि नामजद आरोपी पकड़े गए है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही उनके साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।