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हमले के डर से बेसमेंट में रही प्रिया, घर लौटने पर छलके खुशी के आंसु
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अंगदपुर जौहड़ी गांव में दादा दादी संग प्रिया श्योरान
- फोटो : BAGHPAT
- यूक्रेन की डीनिप्रो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रही है अंगदपुर गांव की प्रिया श्योराण
- 40 हजार की जगह 80 हजार में फ्लाइट का टिकट कराया, यूक्रेन से निकलते ही शुरू हुआ युद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली (बागपत)। बागपत के अंगदपुर गांव की प्रिया श्योराण पहली बेटी है, जिसकी यूक्रेन पर रूस के हमला करने के बाद घर वापसी हुई है। घर पहुंचते ही प्रिया की आंखों से खुशी के आंसु छलक उठे। बताया कि कई दिन से रूस के बॉर्डर पर गोलियां चल रही थी और बम धमाके हो रहे थे। वह भी डर के कारण बेसमेंट में रही। उसने दोगुनी कीमत में फ्लाइट का टिकट कराया था। प्रिया ने भारत सरकार से यूक्रेन में फंसे भारत के छात्रों को सकुशल वापस लाने की मांग की है।
अंगदपुर गांव के दीपेंद्र की बेटी प्रिया श्योराण यूक्रेन की डीनिप्रो यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उसने बताया कि यूक्रेन और रूस के बॉर्डर पर पिछले कई दिनों से बमबारी जारी थी। इससे मध्य यूक्रेन के शहरों तक लोगों में दहशत बनी थी। इस कारण कई दिनों तक वह बेसमेंट में रहे। साथ ही लगातार फ्लाइट की टिकट कराने में लगी थी। आखिर में उसकी 80 हजार रुपये में टिकट हुई। पहले केवल 40 हजार रुपये तक में टिकट हो रही थी। रूस की ओर से यूक्रेन के अंदर के शहरों में हमला करने से पहले ही उनकी फ्लाइट रवाना हो गई थी। वह बृहस्पतिवार रात को अपने घर लौटी है। बेटी के वापस लौटने पर मां सुमन, पिता दीपेंद्र, दादा सहदेव, दादी इंदुबाला, भाई प्रशांत ने राहत की सांस ली। प्रिया ने बताया कि यूक्रेन से सभी छात्र लौटना चाहते है। उसने सरकार से सभी को एअर लिफ्ट कराने की मांग की है।
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- 40 हजार की जगह 80 हजार में फ्लाइट का टिकट कराया, यूक्रेन से निकलते ही शुरू हुआ युद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली (बागपत)। बागपत के अंगदपुर गांव की प्रिया श्योराण पहली बेटी है, जिसकी यूक्रेन पर रूस के हमला करने के बाद घर वापसी हुई है। घर पहुंचते ही प्रिया की आंखों से खुशी के आंसु छलक उठे। बताया कि कई दिन से रूस के बॉर्डर पर गोलियां चल रही थी और बम धमाके हो रहे थे। वह भी डर के कारण बेसमेंट में रही। उसने दोगुनी कीमत में फ्लाइट का टिकट कराया था। प्रिया ने भारत सरकार से यूक्रेन में फंसे भारत के छात्रों को सकुशल वापस लाने की मांग की है।
अंगदपुर गांव के दीपेंद्र की बेटी प्रिया श्योराण यूक्रेन की डीनिप्रो यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उसने बताया कि यूक्रेन और रूस के बॉर्डर पर पिछले कई दिनों से बमबारी जारी थी। इससे मध्य यूक्रेन के शहरों तक लोगों में दहशत बनी थी। इस कारण कई दिनों तक वह बेसमेंट में रहे। साथ ही लगातार फ्लाइट की टिकट कराने में लगी थी। आखिर में उसकी 80 हजार रुपये में टिकट हुई। पहले केवल 40 हजार रुपये तक में टिकट हो रही थी। रूस की ओर से यूक्रेन के अंदर के शहरों में हमला करने से पहले ही उनकी फ्लाइट रवाना हो गई थी। वह बृहस्पतिवार रात को अपने घर लौटी है। बेटी के वापस लौटने पर मां सुमन, पिता दीपेंद्र, दादा सहदेव, दादी इंदुबाला, भाई प्रशांत ने राहत की सांस ली। प्रिया ने बताया कि यूक्रेन से सभी छात्र लौटना चाहते है। उसने सरकार से सभी को एअर लिफ्ट कराने की मांग की है।
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