फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Private hospitals start pulling treatment from non covid patients

नॉन कोविड मरीजों के उपचार से हाथ खींचने लगे निजी अस्पताल

Fri, 23 Apr 2021 11:22 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 11:22 PM IST
विज्ञापन
Private hospitals start pulling treatment from non covid patients
- ऑक्सीजन की किल्लत और आरटी पीसीआर जांच में देरी बनी वजह
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण के बीच अब नॉन कोविड गंभीर मरीजों की जान पर भी आफत आने लगी है। ज्यादातर निजी अस्पताल नॉन कोविड मरीजों के उपचार से हाथ खींचने लगे हैं। ऐसे मामलों में अचानक से तेजी आई है। ऑक्सीजन की किल्लत और आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट में देरी इसका कारण बन रहे हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान पर बन रही है। जबकि तीमारदार उन्हें लेकर इधर से उधर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।
वेंडरों ने निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई की बंद
- देशभर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर हाहाकार मचा है। कुछ वेंडरों ने निजी अस्पतालों की सप्लाई रोक दी है या फिर काफी कम कर दी है। जिससे हालात बिगड़ने लगे हैं। अस्पताल का स्टाफ ऑक्सीजन सपोर्ट के जरूरतमंद मरीजों को वापस लौटाने लगा है। अग्रवाल मंडी टटीरी के निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार रात ऐसा ही हुआ। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को वापस लौटाया जाने लगा। बाद में जिला प्रशासन ने हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई।
विज्ञापन

आरटी पीसीआर जांच में देरी से भी बिगड रहे हालात
- कोरोना की आरटी पीसीआर जांच की रिपोर्ट देरी से आ रही है। जिले में रोजाना करीब 1500 जांच होती हैं। सैंपल नोएडा भेजे जाते हैं। वहां से रिपोर्ट आने में चार दिन लग रहे हैं। इस देरी की वजह से अस्पताल मरीजों को अपने यहां भर्ती नहीं कर रहे हैं। जिससे मरीजों की हालत और ज्यादा खराब हो जा रही है। आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट देरी से आने के दौरान कई बार संक्रमित यहां-वहां घूमते रहते हैं। जिससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मानवीय संवेदना भी रखीं ताक पर
- महामारी के बीच कई अस्पतालों के प्रशासन ने मानवीय संवेदनाएं भी ताक पर रख दी हैं। रात के समय गंभीर मरीजों को भर्ती करना तो दूर उनके तीमारदारों से बात करने तक को तैयार नहीं हैं। बृहस्पतिवार रात दिल्ली रोड एक निजी हॉस्पिटल में ऐसा ही हुआ। परिजनों के लाख गुहार लगाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने गंभीर मरीज को भर्ती नहीं किया।
वर्जन :- इस तरह की अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि किसी अस्पताल के खिलाफ ऐसी शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरके टंडन, सीएमओ बागपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed