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पीओएस मशीनों की खराबी ने बढ़ाई उर्वरक विक्रेताओं की मुश्किलें
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- मशीन खराब होने पर गड़बड़ा जाता है स्टॉक
-जिले में माह में एक बार मशीन ठीक करने के लिए आता है इंजीनियर
बागपत। यूरिया की बिक्री में पीओएस मशीन उर्वरक विक्रेताओं के लिए परेशानी बनी हुई हैं। जिले में पीओएस मशीन रिपेयरिंग की व्यवस्था नहीं है। मशीन खराब होने पर हरियाणा से माह में एक बार इंजीनियर मशीनों की रिपेयरिंग करने के लिए आता है। मशीन खराब होने पर उर्वरक विक्रेताओं को रजिस्टर से बिक्री करने के लिए बाध्य होना पड़ता है, जिससे उनका स्टॉक गड़बड़ा जाता है।
जिले में 36 समितियों सहित लगभग 250 उर्वरक की दुकानें हैं। कृषि विभाग व सहकारिता की ओर से अधिक यूरिया की बिक्री करने की जांच में पीओएस मशीन बाधा बन रही है। जांच के दौरान दुकानों पर पीओएस मशीन में स्टॉक पूरा नहीं मिलने के कारण उर्वरक विक्रेता जांच के घेरे में आ रहे हैं। उर्वरक की दुकानों पर पीओएस मशीन में खराबी होने पर उर्वरक विक्रेता रजिस्टर पर खाद की बिक्री कर देते हैं और पीओएस मशीन से स्टॉक का मिलान नहीं हो पाता है। जिले में मशीन खराब होने पर हरियाणा से इंजीनियर बुलाकर मशीन को ठीक कराया जाता है। इंजीनियर माह में एक बार जिले मे आकर मशीनों की रिपेयरिंग करता है। मशीन खराब होने पर उर्वरक विक्रेताओं का स्टॉक गड़बड़ा जाता है। एआर कॉपरेटिव देवेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में मशीन ठीक कराने की व्यवस्था नहीं है। जांच के दौरान उर्वरक विक्रेताओं की पीओएस मशीन का स्टॉक सही नहीं मिल रहा है, जबकि बिक्री रजिस्टर का स्टॉक सही मिल रहा है।
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-जिले में माह में एक बार मशीन ठीक करने के लिए आता है इंजीनियर
बागपत। यूरिया की बिक्री में पीओएस मशीन उर्वरक विक्रेताओं के लिए परेशानी बनी हुई हैं। जिले में पीओएस मशीन रिपेयरिंग की व्यवस्था नहीं है। मशीन खराब होने पर हरियाणा से माह में एक बार इंजीनियर मशीनों की रिपेयरिंग करने के लिए आता है। मशीन खराब होने पर उर्वरक विक्रेताओं को रजिस्टर से बिक्री करने के लिए बाध्य होना पड़ता है, जिससे उनका स्टॉक गड़बड़ा जाता है।
जिले में 36 समितियों सहित लगभग 250 उर्वरक की दुकानें हैं। कृषि विभाग व सहकारिता की ओर से अधिक यूरिया की बिक्री करने की जांच में पीओएस मशीन बाधा बन रही है। जांच के दौरान दुकानों पर पीओएस मशीन में स्टॉक पूरा नहीं मिलने के कारण उर्वरक विक्रेता जांच के घेरे में आ रहे हैं। उर्वरक की दुकानों पर पीओएस मशीन में खराबी होने पर उर्वरक विक्रेता रजिस्टर पर खाद की बिक्री कर देते हैं और पीओएस मशीन से स्टॉक का मिलान नहीं हो पाता है। जिले में मशीन खराब होने पर हरियाणा से इंजीनियर बुलाकर मशीन को ठीक कराया जाता है। इंजीनियर माह में एक बार जिले मे आकर मशीनों की रिपेयरिंग करता है। मशीन खराब होने पर उर्वरक विक्रेताओं का स्टॉक गड़बड़ा जाता है। एआर कॉपरेटिव देवेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में मशीन ठीक कराने की व्यवस्था नहीं है। जांच के दौरान उर्वरक विक्रेताओं की पीओएस मशीन का स्टॉक सही नहीं मिल रहा है, जबकि बिक्री रजिस्टर का स्टॉक सही मिल रहा है।
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