पुलिस ने दबोचे 13 गोवंश तस्कर
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दोघट थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव को सूचना मिली कि बरनावा की ओर से गाड़ियों में भरकर भारी संख्या में गोवंश को कटान के लिए ले जाया जा रहा है। पुसार, दाहा, भड़ल में चेकिंग अभियान शुरू कराया गया। दाहा गांव में पुलिस को बरनावा की ओर से गाड़ियां आती दिखाई दी। पुलिस ने पांच महिंद्रा पिकअप, दो छोटा हाथी गाड़ी व एक जुगाड़ को रुकवा लिया।
इन गाड़ियों में गोवंश भरा था। गाड़ियों से उतरकर तस्कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेरकर दबोच लिया। पुलिस ने 21 गोवंश को बंधन मुक्त कराया और गाड़ियों व गोवंश तस्करों को थाने ले गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि पकड़े गए तस्करों में पुष्पेंद्र पुत्र खिलारी गढ़ी दुल्ला, अब्दुल पुत्र सलीम पिछौकरा, फाजिल पुत्र आबिद, बुल्ला पुत्र खुर्शीद बरनावा, सलीम पुत्र हकीमू शबगा, जोगेंद्र पुत्र प्यारे सिंह बिचपड़ी, खुशी पुत्र सुलेमान, संजीव पुत्र श्याम सिंह बावली, उमर पुत्र शरीफ दाहा, दीनू पुत्र इद्दू शिकारपुर, विनोद पुत्र ब्रहमपाल बड़ौत, राहुल व विकास शेरपुर के रहने वाले हैं।
गोवंश को कटान के लिए मुजफ्फरनगर ले जा रहे थे। मुक्त कराए गए सभी गोवंश को चंदायन गौशाला में भेज दिए गया है। पकड़े गए सभी तस्करों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम व गोवंश तस्करी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी तस्करों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व भी भड़ल पुलिस चौकी पर पुलिस ने डीसीएम से भूसे के नीचे दबे हुए सात गोवंश को छुड़ाया था।
जिनमें से पांच की मौत हो गई थी और दो को पुलिस ने बचा लिया था। शिव सैनिकों रणवीर और अंकित ने थानाध्यक्ष को ज्ञापन देकर अल्टीमेटम दिया था कि पुलिस गोवंश तस्करी पर रोक लगाए, नहीं तो शिव सैनिक स्वयं ही सड़कों पर उतरकर अभियान शुरू करेंगे और सभी गाड़ियों को चेक कर आगे जाने दिया।