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पुलिस ने किया बलवा रोकने का अभ्यास
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:31 AM IST
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बागपत पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों को मॉक िड्रल का अभ्यास करवाते पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यमुना खादर में बवाल रोकने में नाकाम रही पुलिस ने शुक्रवार को बलवा रोकने का अभ्यास किया। पुलिस लाइन में प्रशिक्षण के लिए आयोजित ड्रिल में एसपी जयप्रकाश की मौजूदगी में अफसरों और सिपाहियों ने बलवा रोकने और भीड़ पर नियंत्रण पाने के तौर-तरीके सीखे।
बृहस्पतिवार को यमुना खादर में बवाल हो गया था। मौके पर सीओ बागपत के अलावा कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार भी थे, लेकिन पुलिस नियंत्रण पाने में चूक गई थी। शुक्रवार को एसपी जयप्रकाश की अगुवाई में एएसपी अजय कुमार सिंह, सीओ दिलीप कुमार, इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों ने बलवा ड्रिल में प्रतिभाग किया।
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि बलवा ड्रिल में टियर गैस गन, एंटी राइट गन, पंप एक्शन गन समेत अन्य अभ्यास कराए गए हैं। यमुना खादर प्रकरण से इस ड्रिल का कोई ताल्लुक नहीं है। यह पुलिस की नियमित ड्रिल है। पुलिसकर्मियों को विशेष परिस्थितियों के लिए तैयार रहने का अभ्यास कराया जाता है।
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वीडियो से कराई जा रही पहचान
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि खादर प्रकरण के आरोपियों की पहचान वीडियो और फोटो से कराई जा रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुआ बवाल ः विधायक
बड़ौत। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने जनपद बागपत के निवाड़ा में बृहस्पतिवार को हुए उपद्रव और भीषण हिंसा की निंदा कर दुख: व्यक्त किया। इस तरह की घटनाओं पर शीघ्र लगाम लगाने की आवश्यकता है।
उन्होंने जारी बयान में बताया कि निवाड़ा गांव में पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जमीन के कब्जे के विवाद को लेकर हिंसा का रूप लिया है। इस दौरान यमुना नदी में रेत खनन का कार्य कर रहे ठेकेदारों और ग्रामीणों में जमकर गोलियां चलीं। इसमें दर्जनों लोगों के घायल होने की संभावना है।
उन्होंने कहा वर्तमान सरकार की लापरवाही के कारण ही निवाड़ा गौरीपुर खादर में हिंसा की यह निंदनीय घटना हुई है। जब सरकार ने रेत खनन का ठेका छोड़ा हुआ है तो उनकी जिम्मेदारी भी बनती है कि खनन का कार्य प्रशासन की देखरेख में ही हो। परंतु पुलिस प्रशासन और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
खनन माफिया बेफिक्र होकर यमुना नदी का सीना चीर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने काठा गांव हादसें से भी सबक नहीं लिया। साथ ही उन्होंने सरकार से खनन का कार्य प्रशासन की मौजूदगी में करने की मांग की।
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बृहस्पतिवार को यमुना खादर में बवाल हो गया था। मौके पर सीओ बागपत के अलावा कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार भी थे, लेकिन पुलिस नियंत्रण पाने में चूक गई थी। शुक्रवार को एसपी जयप्रकाश की अगुवाई में एएसपी अजय कुमार सिंह, सीओ दिलीप कुमार, इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों ने बलवा ड्रिल में प्रतिभाग किया।
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एसपी जयप्रकाश ने बताया कि बलवा ड्रिल में टियर गैस गन, एंटी राइट गन, पंप एक्शन गन समेत अन्य अभ्यास कराए गए हैं। यमुना खादर प्रकरण से इस ड्रिल का कोई ताल्लुक नहीं है। यह पुलिस की नियमित ड्रिल है। पुलिसकर्मियों को विशेष परिस्थितियों के लिए तैयार रहने का अभ्यास कराया जाता है।
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वीडियो से कराई जा रही पहचान
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि खादर प्रकरण के आरोपियों की पहचान वीडियो और फोटो से कराई जा रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुआ बवाल ः विधायक
बड़ौत। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने जनपद बागपत के निवाड़ा में बृहस्पतिवार को हुए उपद्रव और भीषण हिंसा की निंदा कर दुख: व्यक्त किया। इस तरह की घटनाओं पर शीघ्र लगाम लगाने की आवश्यकता है।
उन्होंने जारी बयान में बताया कि निवाड़ा गांव में पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जमीन के कब्जे के विवाद को लेकर हिंसा का रूप लिया है। इस दौरान यमुना नदी में रेत खनन का कार्य कर रहे ठेकेदारों और ग्रामीणों में जमकर गोलियां चलीं। इसमें दर्जनों लोगों के घायल होने की संभावना है।
उन्होंने कहा वर्तमान सरकार की लापरवाही के कारण ही निवाड़ा गौरीपुर खादर में हिंसा की यह निंदनीय घटना हुई है। जब सरकार ने रेत खनन का ठेका छोड़ा हुआ है तो उनकी जिम्मेदारी भी बनती है कि खनन का कार्य प्रशासन की देखरेख में ही हो। परंतु पुलिस प्रशासन और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
खनन माफिया बेफिक्र होकर यमुना नदी का सीना चीर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने काठा गांव हादसें से भी सबक नहीं लिया। साथ ही उन्होंने सरकार से खनन का कार्य प्रशासन की मौजूदगी में करने की मांग की।