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क्रिकेटर पीके ने छपरौली में देखी पहलवानों की नर्सरी
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 11 Oct 2016 01:47 AM IST
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छपरौली। कस्बे के अखाड़े में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार पहलवानों की नर्सरी देखकर गदगद हो गए। उन्होंने पहलवानों को मेहनत से कुश्ती में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
क्रिकेटर प्रवीण कुमार सोमवार को दोपहर बाद छपरौली अखाड़े में पहुंचे तो अखाड़े के खलीफा कृष्णपाल और अंतरराष्ट्रीय कोच धर्मेंद्र भूरा समेत पहलवानों ने उनका स्वागत किया। जिस समय क्रिकेटर अखाड़े में पहुंचे तो पहलवान कुश्ती का अभ्यास कर रहे थे तो उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों पहलवानों को तैयार करने वाली नर्सरी की प्रशंसा कर कहा ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की नर्सरी होना गर्व की बात है, क्योंकि इससे ग्रामीण पहलवानों को तैयारी करके आगे बढ़ने के लिए अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र के युवा कुश्ती में अपना कैरियर बनाकर अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं, जरूरत है तो मेहनत और लग्न की। उन्होंने कहा पहलवान एकाग्र होकर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कुश्ती के दांव पेंच भी देखे और पहलवानों के हाथ मिलवा कर कुश्ती भी कराई।
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उन्होंने कहा अखाड़े के विकास के लिए जो भी उनके स्तर पर संभव हो सकेगा, सहयोग करेंगे। मल्ल हरेंद्र कुमार सूबेदार 21 जाट रेजीमेंट, मल्ल मनोज कुमार, सूबेदार 9 जाट रेजीमेंट, गौरव, राहुल, मंयक, सूरज, रामबीर, विकास, विक्रम, नफीस रहे।
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क्रिकेटर प्रवीण कुमार सोमवार को दोपहर बाद छपरौली अखाड़े में पहुंचे तो अखाड़े के खलीफा कृष्णपाल और अंतरराष्ट्रीय कोच धर्मेंद्र भूरा समेत पहलवानों ने उनका स्वागत किया। जिस समय क्रिकेटर अखाड़े में पहुंचे तो पहलवान कुश्ती का अभ्यास कर रहे थे तो उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों पहलवानों को तैयार करने वाली नर्सरी की प्रशंसा कर कहा ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की नर्सरी होना गर्व की बात है, क्योंकि इससे ग्रामीण पहलवानों को तैयारी करके आगे बढ़ने के लिए अवसर मिलता है।
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उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र के युवा कुश्ती में अपना कैरियर बनाकर अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं, जरूरत है तो मेहनत और लग्न की। उन्होंने कहा पहलवान एकाग्र होकर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कुश्ती के दांव पेंच भी देखे और पहलवानों के हाथ मिलवा कर कुश्ती भी कराई।
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उन्होंने कहा अखाड़े के विकास के लिए जो भी उनके स्तर पर संभव हो सकेगा, सहयोग करेंगे। मल्ल हरेंद्र कुमार सूबेदार 21 जाट रेजीमेंट, मल्ल मनोज कुमार, सूबेदार 9 जाट रेजीमेंट, गौरव, राहुल, मंयक, सूरज, रामबीर, विकास, विक्रम, नफीस रहे।