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Baghpat News: रस्म बाद में निभाएं, जन्म के एक घंटे के अंदर शिशु को मां का दूध पिलाएं

Sat, 17 May 2025 01:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 17 May 2025 01:14 AM IST
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Perform the ritual later, feed the baby breast milk within one hour of birth
रस्म बाद में निभाएं, शिशु को मां का दूध तुरंत पिलाएं की खबर से संबं​धित फोटो। बागपत के जिला अस् - फोटो : संवाद
बागपत। लिटिल फीट फाउंडेशन, प्रशासन, डब्ल्यूएचओ व यूनिसेफ ने नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए संयुक्त रूप से ''''''''सांस'''''''' अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत शुक्रवार को जिला अस्पताल में हुई कार्यशाला में जिलेभर के अस्पतालों के स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक किया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर ने कहा कि रस्म के चक्कर में देरी न करें और जन्म के एक घंटे के अंदर शिशु को मां का दूध जरूर पिलाएं। शिशु को मां के ऊपर दिल के पास भी लेटाएं।
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इस कार्यशाला का शुभारंभ डीएम अस्मिता लाल व सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने किया। इसके बाद डॉ. अभिनव तोमर ने कहा कि जन्म के शुरूआती एक घंटे तक शिशु अधिक सक्रिय रहते हैं। इसलिए उस एक घंटे के अंदर ही स्तनपान शुरू कराने की सलाह दी जाती है। साथ ही छह माह तक केवल स्तनपान भी जरूरी होता है। उनके अनुसार इस एक घंटे के अंदर शिशुओं के लिए स्तनपान अमृत समान होता है। इससे शिशु के रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है, जिससे बच्चे का निमोनिया एवं डायरिया जैसे गंभीर रोगों में भी बचाव होता है। हालांकि कई बार लोग केवल इसलिए एक घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराते हैं कि सबसे पहले बुआ से शिशु को दूध पिलाने की रस्म कराई जाए। कहा कि इस तरह की रस्म बाद में कराई जा सकती है। इस दौरान सीएमएस डॉ. एमएस मलिक, एसीएमओ डॉ. दीपा सिंह, डॉ. चैतन्य आदि मौजूद रहे।
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भ्रांतियों को दूर करना जरूरी
डॉ. अभिनव तोमर ने कहा कि जन्म लेने के बाद परिजन नवजात शिशु को दूध पिलाने नहीं देते हैं। मां के दूध को गंदा या बेकार बताते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को परिजनों की इस भ्रांति को दूर करना चाहिए और बताना चाहिए कि शिशु के जन्म के बाद पहले दूध से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बच्चे के लिए यही गाढ़ा पीला दूध जरूरी होता है। बताया कि मां का शुरूआती समय में कम दूध बनना भी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
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शिशु को दूध नहीं पिलाने वालों की काउंसिलिंग की जाए
एसीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि शिशु को जन्म के बाद मां का दूध नहीं पिलाने वाले परिवार वालों की चिकित्सकों को काउंसलिंग करनी चाहिए। उनको समझाना चाहिए कि जन्म के बाद एक घंटा शिशु के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। इस तरह शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
इन बातों का रखे ध्यान
- जन्म के एक घंटे के अंदर शिशु को मां के ऊपर दिल के पास लेटाना चाहिए
- एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाना चाहिए
-प्रसव कक्ष में ऑक्सीजन की सुविधा जरूर होनी चाहिए
-प्रसव के समय सभी उपकरण व दवाई हो और खिड़की खुली रहे
- अस्पताल में ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था होनी चाहिए
- साफ सफाई जरूर होनी चाहिए
-गर्भवती व परिजनों की सोशल काउंसलिंग जरूरी
- गर्भवती महिला व परिजनों से अच्छा व्यवहार किया जाए
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