{"_id":"6127d3dd8ebc3e7a200ebae3","slug":"people-will-give-a-befitting-reply-to-bjp-in-the-vidhan-sabha-elections-baraut-news-mrt5534713106","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगामी विधान सभा चुनाव में भाजपा को मुंहतोड जवाब देगी जनता-पूर्व विधायक डा अजय कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगामी विधान सभा चुनाव में भाजपा को मुंहतोड जवाब देगी जनता-पूर्व विधायक डा अजय कुमार
विज्ञापन
बड़ौत। प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र तैयार करने के लिए रालोद कार्यकर्ता लोगों से संवाद कर रहे हैं। नगर में बृहस्पतिवार को मेनिफेस्टो कमेटी के सह अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉक्टर अजय कुमार ने जनता से संवाद कर उनकी राय ली।
उन्होंने बताया की यूपी की जनता किसानों की बदहाली, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी, बिजली के बिलों की बढ़ोत्तरी व मंहगाई से त्रस्त है। आगामी विधान सभा चुनाव मेें जनता भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देगी। वही दूसरी ओर रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर किसानों को राहत के नाम पर गुमराह करने का कार्य कर रही है। गन्ने का मूल्य 400 रुपये की मांग करने वाली बीजेपी ने मूल्य में 5 रुपये की वृद्धि कर किसानों की कमर तोड़ी है।
यूपी में गन्ने की लागत का सरकारी आंकड़ा 300 रुपये प्रति कुंतल है। इसलिए रालोद 450 रुपये समर्थन मूल्य की मांग करती है। वहीं वर्तमान सरकार किसानों पर बिजली के झूठे मुकदमे लगा कर जनता पर दोहरी मार मार रही है। बताया कि जहां किसानों को 1200 रुपये प्रतिमाह बिल जमा करना होता था। वहां आज 5000 से 12000 तक बिल जमा करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया की यूपी की जनता किसानों की बदहाली, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी, बिजली के बिलों की बढ़ोत्तरी व मंहगाई से त्रस्त है। आगामी विधान सभा चुनाव मेें जनता भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देगी। वही दूसरी ओर रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर किसानों को राहत के नाम पर गुमराह करने का कार्य कर रही है। गन्ने का मूल्य 400 रुपये की मांग करने वाली बीजेपी ने मूल्य में 5 रुपये की वृद्धि कर किसानों की कमर तोड़ी है।
विज्ञापन
यूपी में गन्ने की लागत का सरकारी आंकड़ा 300 रुपये प्रति कुंतल है। इसलिए रालोद 450 रुपये समर्थन मूल्य की मांग करती है। वहीं वर्तमान सरकार किसानों पर बिजली के झूठे मुकदमे लगा कर जनता पर दोहरी मार मार रही है। बताया कि जहां किसानों को 1200 रुपये प्रतिमाह बिल जमा करना होता था। वहां आज 5000 से 12000 तक बिल जमा करना पड़ रहा है।
विज्ञापन