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Baghpat News: मस्जिद की जांच व सुरक्षा की मांग को लेकर लोगों ने दिया धरना
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- दोनों पक्षों में जमकर हुई कहासुनी, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया
- कई घरों पर मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाकर सुरक्षा नहीं मिलने पर पलायन की चेतावनी दी
- बड़ौत के कमला नगर का मामला, करीब दस साल से दोनों पक्षों में चल रही खींचतान
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के कमला नगर में बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए इसकी जांच कराने व सुरक्षा की मांग को लेकर मोहल्ले के कई परिवारों ने शुक्रवार को गली में धरना दिया। वहीं अपने मकानों पर मकान बिकाऊ के पोस्टर चस्पा कर सुरक्षा नहीं मिलने पर पलायन की चेतावनी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर धरना समाप्त कराया।
मोहल्ले के प्रदीप, दीपक, हरेंद्र, सरेंद्र समेत अन्य लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है। जिसकी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से जांच कराने के लिए शिकायत कर चुके हैं, मगर आज तक इसकी जांच नहीं हो पाई। आरोप है कि मस्जिद के कारण बाहर के लोग आते हैं और वहां मकानों के गेट बंद रखने पड़ते हैं। प्रदीप का आरोप है कि बृहस्पतिवार की रात उनके गेट में किसी ने लात मारी, मगर डर की वजह से गेट नहीं खोले। इसलिए जगवीर, पवन, कलीराम आदि ने अपने मकानों के बाहर मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए हैं।
धरने के दौरान महिलाएं हाथों में योगी जी हमारी सुरक्षा करो के स्लोगन लिखकर पोस्टर लिए बैठी थीं। वहां लोगों के धरने का पता चलने पर पुलिस पहुंची तो तभी मस्जिद के समर्थन में भी लोग आ गए। पुलिस के सामने दोनों पक्षों के लोगों में खूब नोकझोंक हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर शांत किया और धरना समाप्त कराया। वहीं तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर दीक्षित कुमार का कहना है कि मस्जिद की जांच तहसील प्रशासन करेगा। इसमें लिखित में शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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मस्जिद नहीं है विवादित, 2003 में बनाई गई
मस्जिद की देखरेख करने वाले इस्लाम फौजी का कहना कि मस्जिद बनाने के लिए करमुद्दीन ने 200 वर्ग मीटर जगह दान दी थी। उन्होंने ही इस मस्जिद का 2003 में निर्माण कराया था। मैं केवल मस्जिद की देखरेख करता हूं। उनका कहना है कि मस्जिद में कोई बाहरी लोग नमाज पढ़ने के लिए नहीं आता, मोहल्ले के लोग ही इसमें नमाज पढ़ते हैं। इस तरह के गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
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- कई घरों पर मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाकर सुरक्षा नहीं मिलने पर पलायन की चेतावनी दी
- बड़ौत के कमला नगर का मामला, करीब दस साल से दोनों पक्षों में चल रही खींचतान
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के कमला नगर में बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए इसकी जांच कराने व सुरक्षा की मांग को लेकर मोहल्ले के कई परिवारों ने शुक्रवार को गली में धरना दिया। वहीं अपने मकानों पर मकान बिकाऊ के पोस्टर चस्पा कर सुरक्षा नहीं मिलने पर पलायन की चेतावनी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर धरना समाप्त कराया।
मोहल्ले के प्रदीप, दीपक, हरेंद्र, सरेंद्र समेत अन्य लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है। जिसकी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से जांच कराने के लिए शिकायत कर चुके हैं, मगर आज तक इसकी जांच नहीं हो पाई। आरोप है कि मस्जिद के कारण बाहर के लोग आते हैं और वहां मकानों के गेट बंद रखने पड़ते हैं। प्रदीप का आरोप है कि बृहस्पतिवार की रात उनके गेट में किसी ने लात मारी, मगर डर की वजह से गेट नहीं खोले। इसलिए जगवीर, पवन, कलीराम आदि ने अपने मकानों के बाहर मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए हैं।
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धरने के दौरान महिलाएं हाथों में योगी जी हमारी सुरक्षा करो के स्लोगन लिखकर पोस्टर लिए बैठी थीं। वहां लोगों के धरने का पता चलने पर पुलिस पहुंची तो तभी मस्जिद के समर्थन में भी लोग आ गए। पुलिस के सामने दोनों पक्षों के लोगों में खूब नोकझोंक हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर शांत किया और धरना समाप्त कराया। वहीं तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर दीक्षित कुमार का कहना है कि मस्जिद की जांच तहसील प्रशासन करेगा। इसमें लिखित में शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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मस्जिद नहीं है विवादित, 2003 में बनाई गई
मस्जिद की देखरेख करने वाले इस्लाम फौजी का कहना कि मस्जिद बनाने के लिए करमुद्दीन ने 200 वर्ग मीटर जगह दान दी थी। उन्होंने ही इस मस्जिद का 2003 में निर्माण कराया था। मैं केवल मस्जिद की देखरेख करता हूं। उनका कहना है कि मस्जिद में कोई बाहरी लोग नमाज पढ़ने के लिए नहीं आता, मोहल्ले के लोग ही इसमें नमाज पढ़ते हैं। इस तरह के गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।