फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   People's representatives could not defend strong, the claim remained confined to correspondence

मजबूत पैरवी नहीं कर सके जनप्रतिनिधि, पत्राचार में ही सिमटा रहा दावा

Fri, 17 Jun 2022 10:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jun 2022 10:48 PM IST
विज्ञापन
People's representatives could not defend strong, the claim remained confined to correspondence
बागपत में बड़ौत जाने के लिए हाईवे पर खड़े होकर रोडवेज बस का इंतजार करता परिवार - फोटो : BAGHPAT
अभियान बस अड्डा
विज्ञापन

- 1997 में जिला बनने के बाद पांच राजनीतिक दलों की 12 बार सरकारें बनी
- 58 बार पत्र भेजा बागपत के नेताओं ने, फिर भी नहीं बन सका रोडवेज बस अड्डा
- सभी पार्टियों के नेता करते रहे बस अड्डा बनवाने का दावा, नहीं हुए सफल
जिला मुख्यालय पर रोडवेज बस अड्डा बनवाने की मांग 25 साल से चल रही हैं। जनता ने तो धरने-प्रदर्शन सब किए, लेकिन हर चुनाव में समस्या का निजात दिलाने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधि इसके लिए मजबूत पैरवी नहीं कर सके। जिला बनने के बाद बागपत में बसपा, कांग्रेस, सपा और भाजपा के नेता सांसद और विधायक चुने गए, लेकिन कोई बस अड्डा नहीं बनवा सका। यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि यहां के नेताओं ने 58 बार शासन को पत्र लिखा है, प्रशासन स्तर से कई बार प्रयास हुए है, लेकिन बस अड्डा बनने की उम्मीद पूरी होती नहीं दिख रही हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वर्ष 1997 में जिला घोषित होने के बावजूद बागपत में परिवहन व्यवस्थाएं आज भी बेपटरी ही है। इसका बड़ा कारण है कि राजनीतिक दलों ने इसे चुनावी मुद्दा जरूर बनाया, लेकिन इसके लिए मजबूत पैरवी पेश नहीं की। यहीं वजह है कि बागपत वासियों के लिए आज भी रोडवेज बस अड्डा सपना ही बन कर रह गया है।
विज्ञापन

बागपत को जब जिला बना तो चौधरी अजित सिंह यहां से सांसद थे। इसके बाद सोमपाल शास्त्री सांसद बने। इसके बाद दोबारा से अजित सिंह ने सीट कब्जाई। वर्ष 2014 से लगातार डा. सत्यपाल सिंह सांसद है। बागपत विधानसभा सीट से पहले नवाब कोकब हमीद विधायक रहे, जो मंत्री भी बने। इनके बाद हेमलता चौधरी विधायक चुनीं गई। अब लगातार दो बार से भाजपा के योगेश धामा विधायक है। मगर, अभी तक रोडवेज बस अड्डा की उम्मीद पूरी नहीं हुई है। हालांकि पिछले साल बस अड्डे के लिए जमीन चिह्नित करने की कवायद भाजपा नेताओं के प्रयास से पूरी हुई, लेकिन इससे आगे की कार्रवाई नहीं बढ़ सकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खूब हुए पत्राचार, लेकिन बात नहीं बनी
बागपत में बस अड्डा बनाने के लिए सांसद, विधायक और अन्य नेताओं ने अभी तक 58 बार पत्र लिखा है। पत्र यहां से जाते जरूर है, लेकिन शासन स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। इसी तरह प्रशासन की तरफ से भी बस अड्डे को लेकर कई बार शासन में पत्राचार हो चुका है। मगर, कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही हैं।
चुनाव के दौरान मुद्दा भी बना
बागपत में बस अड्डा बनवाने का मुद्दा हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव उठाया जाता है। नेता वादे करते है कि इस बार बस अड्डा जरूर बनवाया जाएगा। मगर, चुनाव जीतने के बाद पांच साल तक मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
बागपत में बस अड्डा बनवाने के लिए मैने प्रयास शुरू किया था। जमीन मिल चुकी हैं, अब केवल निर्माण शुरू होना बाकी है, जिसके लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। बस अड्डा जरूर बनवाया जाएगा। इसे लेकर अधिकारियों से बात की जाएगी। - योगेश धामा, विधायक बागपत
मैने पहले भी कई बार बस अड्डे का मुद्दा उठाया था। अब दोबारा से बस अड्डा जल्द बनवाने की मांग की जाएगी। रालोद भी लगातार बस अड्डा बनवाने की मांग कर रही हैं, जिससे परिवहन की समस्या दूर हो सके। सरकार को जल्द बजट जारी करके काम शुरू कराना चाहिए। - डा. अजय कुमार, विधायक छपरौली

बागपत में बस अड्डे को लेकर प्रशासन की तरफ कई बार पत्र लिखे गए हैं। जमीन को रोडवेज विभाग के नाम ट्रांसफर किया जा चुका है। बस अड्डा जल्द बनने की उम्मीद है। - राजकमल यादव, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed